अफगानिस्तान में होगा भारतीय मॉडल के शौचालयों का इस्तेमाल
अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण प्रक्रिया के तहत कांधार में बायोगैस उत्पादन संयंत्र से जुड़े कम से कम 40 शौचालय परिसरों का निर्माण करेगी।
अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की अभियांत्रिकी शाखा में मेजर एडवर्ड टी.मीयर्स ने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल द्वारा तैयार किए गए मॉडल की तकनीकी जानकारी अफगानिस्तान सरकार को भी बांटी जाएगी, ताकि देश के अन्य हिस्सों में भी उसका इस्तेमाल किया जा सके।
अधिकारी ने सुलभ को लिखे गए पत्र में कहा है, "मैं इस डिजाइन को काबुल के मंत्रालय और अफगानिस्तान के ऊर्जा एवं जल मंत्रालय को बांटना चाहूंगा। मैं खासतौर से संभावित बायोगैस के उत्पादन के लिए पाचकों और कारकों की मात्रा के बारे में जानना चाहूंगा।"
सुलभ भारत द्वारा वित्तपोषित पुनर्निर्माण परियोजनाओं के हिस्से के रूप में पहले ही काबुल में पांच सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करा चुका है।
सुलभ के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने इस तरह के और शौचालयों के निर्माण के लिए जरूरी सभी सहायता मुहैया कराने का संकल्प लिया है। ये शौचालय आर्थिक रूप से टिकाऊ हैं, क्योंकि वे भुगतान करो और इस्तेमाल करो की व्यवस्था पर आधारित हैं।
पाठक ने कहा, "यह प्रणाली न केवल साफ-सफाई के लिहाज से उपायोगी है, बल्कि यह जैव ईंधन भी पैदा करती है, जिसे एक प्रमुख गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत के रूप में माना जाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications