बंधक पुलिसकर्मियों की रिहाई को लेकर ऊहापोह (लीड-3)
मुख्यमंत्री ने रविवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों को बताया कि उन्हें बंधक पुलिसकर्मियों की रिहाई की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कोई जानकारी होगी तब वह खुद मीडिया को बता देंगे।
इसके पूर्व स्थानीय पत्रकारों ने सूचना दी थी किनक्सलियों ने तीनों बंधकों को सुबह बांका और जमुई जिले की सीमा पर बेलहर पहाड़ी पर रिहा कर दिया। पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी अभय कुमार यादव की पत्नी रजनी देवी ने अपने मायके खगड़िया से टेलीफोन पर बताया कि सुबह एक कथित नक्सली भी उनसे मिलने आया था, जिसने अभय को छोड़ देने की बात कही। नक्सली ने रजनी से राखी भी बंधवाई।
रजनी ने कहा कि वह बहुत खुश है और उन्हें उम्मीद है कि उनके पति जल्द घर लौट आएंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने इन खबरों की पुष्टि करने से इंकार किया है कि नक्सलियों ने तीनों पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया है।
शनिवार रात नक्सलियों ने बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को बिना शर्त सुबह आठ बजे तक रिहा करने की बात कही थी। बंधक पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय) तथा एहतशाम खान (मांडर, रांची) शमिल हैं।
इससे पहले शुक्रवार को नक्सलियों ने लुकस टेटे नाम के एक पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी। टेटे को भी नक्सलियों ने पिछले रविवार को रूपेश, अभय और एहतशाम के साथ अगवा किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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