उड़ीसा में जनजातीय छात्रों को मिलेगी कोचिंग की सुविधा
भुवनेश्वर, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। उड़ीसा में जनजातीय छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के लिए अगले महीने से उच्च तकनीकी युक्त कोचिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
आतंरिक इलाकों में स्थित जनजातीय समुदाय के लिए संचालित 19 विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 11वीं के करीब 1,000 से 1,500 छात्रों को राज्य सरकार की पंजीकृत करने की योजना है।
राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक संजीव के. चड्ढा ने बताया कि जो जनजातीय छात्र विद्यालयों में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें भी बाद में कोचिंग सुविधा दी जाएगी।
चड्ढा ने आईएएनएस को बताया, "सरकार द्वारा संचालित उच्चतर माध्यमिक जनजातीय विद्यालयों में दो विशेष कक्षाएं बनवाई जाएंगी। इनमें अधिकतर विद्यालय आवासीय सुविधा वाले हैं। स्कूलों में कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और लिक्वि ड क्रिस्टल डिस्पले (एलसीडी) के बोर्ड लगेंगे।"
वीडियो कांफ्रेसिंग सुविधा के जरिए शिक्षक और सलाहकर बच्चों की कक्षा लेंगे।
चड्ढा ने बताया कि इस योजना पर हर साल करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आएगा। कक्षा के दौरान भौतिक और रसायन विज्ञान व गणित की शिक्षा दी जाएगी।
इस परियोजना से छात्रों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से इतर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में शामिल होने का प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि कोचिंग से छात्र अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई), उड़ीसा संयुक्त प्रवेश परीक्षा और भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान संयुक्त प्रवेश परीक्षा (आईआईटी-जेईई) जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
चड्डा ने कहा, "हम कोचिंग संस्थाओं द्वारा अध्ययन सामग्री मुहैया कराने के लिए पहले ही निविदाएं जारी कर चुके हैं। हम अगले कुछ दिनों में इसे अंतिम रूप दे देंगे।"
उन्होंने कहा,"कक्षा 10वीं और 11वीं के छात्रों के अधिकतर विद्यालय आतंरिक क्षेत्रों में स्थित हैं। लिहाजा छात्रों को सेटेलाइट प्रौद्योगिकी के जरिए कोचिंग दी जाएंगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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