नेपाल में पार्टियों ने टेपकांड की जांच की मांग की
काठमांडू, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टियों में सबसे बड़ी नेपाली कांग्रेस ने एक प्रमुख माओवादी नेता द्वारा रविवार को होने जा रहे प्रधानमंत्री पद के चुनाव से पहले चीन के मित्र से सांसदों की खरीद-फरोख्त के लिए 50 करोड़ नेपाली रुपये मांगने संबंधी टेप की जांच की मांग की है।
उधर माओवादी पार्टी ने भी कहा कि वह मामले की जांच स्वयं भी करेगी।
नेपाल की संसद में छठे चरण का मतदान के शुरू होने के कुछ ही घंटे पहले माओवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक बैठक कर चुनाव और पिछले हफ्ते जारी टेप के संभावित प्रभाव पर चर्चा की।
टेप में माओवादी नेता कृष्ण बहादुर म्हारा को प्रधानमंत्री पद के चुनाव में माओवादी उम्मीदवार पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' के समर्थन में तराई की जातीय पार्टियों के 50 सांसदों की खरीद-फरोख्त के लिए कथित तौर पर 50 करोड़ नेपाली रुपये मांगते पकड़ा गया है।
टेप को फर्जी और झूठा करार देते हुए माओवादी नेताओं ने कहा कि वे खुद जांच शुरू करेंगे। नेपाली कांग्रेस ने पहले ही मामले की जांच की मांग की है।
प्रधानमंत्री पद के लिए प्रचंड और पूर्व उप प्रधानमंत्री रामचंद्र पौडियाल के बीच मुकाबला है।
नेपाली कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा कि सरकार को टेप की आवाजों की जांच करनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने पेश करनी चाहिए।
इसमें कहा गया है कि पहले भी नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी लेनिनवादी के सांसद सी.पी.मैनाली आरोप लगा चुके हैं कि माओवादियों ने प्रचंड को वोट देने के लिए उनको पांच करोड़ रुपये की पेशकश की थी।
मैनाली ने कहा कि प्रस्ताव को अस्वीकार करने के कारण माओवादियों ने उनकी पार्टी में फूट डालने का काम किया।
नेपाली कांग्रेस ने कहा कि इस घोटाले ने माओवादियों के चेहरे को बेनकाब कर दिया। बहरहाल उसने चीनी सरकार को इस घूसकांड से बरी करते हुए कहा कि चीन अच्छा पड़ोसी है जो नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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