बंधक पुलिसकर्मियों के आज मुक्त होने के आसार
पटना, 5 सितंबर (आईएननएस)। बिहार में नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए तीन पुलिसकर्मियों के रविवार को मुक्त हो जाने की संभावना है। ये पिछले कई दिनों से नक्सलियों के कब्जे में हैं।
सूत्रों के अनुसार नक्सली किसी भी वक्त बंधकों को छोड़ सकते हैं। इस बीच खबर है कि बांका और जमुई जिले के सीमा पर बेलहर पहाड़ी वाले इलाके को पुलिस द्वारा सील कर दिया गया है तथा पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
इधर, नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए अभय कुमार यादव की पत्नी रजनी देवी ने खगड़िया से टेलीफोन पर बताया कि सुबह एक कथित नक्सली भी उनसे मिलने आया था और उसने अभय को छोड़ देने की बात कही है। नक्सली ने रजनी से राखी भी बंधवाई।
इसके पूर्व प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने शनिवार रात एक स्थानीय न्यूज चैनल को बताया कि देश के बुद्घिजीवियों, जनता तथा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों के परिजनों की अपील के आधार पर संगठन की केंद्रीय समिति ने बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को बिना शर्त रिहा करने का निर्णय लिया है।
प्रवक्ता ने बताया कि नीतीश सरकार इस मसले को लेकर सर्वदलीय बैठक कर नक्सलियों से वार्ता के नाम पर राजनीतिक फायदा लेना चाह रही लेकिन संगठन ऐसा नहीं चाह रहा था। प्रवक्ता ने बताया कि बंधक पुलिसकर्मियों को पुलिस और मीडिया के सामने नहीं बल्कि उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।
गौरतलब है कि रविवार को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात जवान शहीद हो गए थे जबकि सात से ज्यादा जवान घायल हो गए थे। इसके अलावा चार पुलिसकर्मियों को भी बंधक बना लिया गया था।
बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय), ऐहतशाम खान (मांडर, रांची) तथा लुकस टेटे (सिमडेगा, झारखंड) शामिल हैं। इनमें से लुकस टेटे की नक्सलियों ने शुक्रवार को हत्या कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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