नीतीश ने की वार्ता की पेशकश, नक्सलियों ने मांग दोहराई (राउंडअप)
इधर, पुलिस द्वारा नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इस दौरान दो संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
पटना में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा, "नक्सली बातचीत के लिए आगे आएं। जो भी व्यक्ति वार्ता के लिए आएगा उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी। उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीफोन के जरिए कोई वार्ता नहीं हो सकती है। "वार्ता के लिए वे आगे आएं। सरकार वार्ता के लिए तैयार है। वार्ता आमने-सामने होगी।" मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य के करीब सभी प्रमुख दल के लोगों ने हिस्सा लिया।
सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री के आए बयान के घंटे भर के भीतर नक्सलियों ने कहा कि उनके आठ साथियों को जेल से रिहाई के मामले पर सरकार ने कोई बात नहीं कही है।
प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने एक स्थानीय समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि सर्वदलीय बैठक में हमारी मुख्य मांग बंधक पुलिसकर्मियों के बदले राज्य की जेलों में बंद आठ साथियों की रिहाई के मसले पर कोई बात नहीं की गई है और न ही मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इसका जिक्र किया है।
उसने कहा कि एक तरफ सरकार वार्ता की बात कर रही है, दूसरी तरफ हमारे खिलाफ सेना उतार रखी है। सरकार पहले इस कार्रवाई को रोके, तभी वार्ता होगी। हालांकि उसने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान को वे कमिटी के सामने रखेंगे, उसके बाद वार्ता के विषय में बात होगी।
इसके पूर्व सुबह में अविनाश ने बंधक बनाए गए जवानों में से अभय यादव की हत्या की जो गलत जानकारी दी थी उसके लिए उसने माफी मांग ली। उसने कहा कि दरअसल हत्या लुकस टेटे की हुई थी।
अविनाश ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी आदिवासी या गरीब की हत्या नहीं की है बल्कि एक पुलिसकर्मी की हत्या की है। प्रवक्ता ने कहा कि बंधक बनाए गए शेष तीनों पुलिसकर्मी अभी जिन्दा हैं।
नक्सलियों द्वारा बंधक बनाये गये शेष बचे तीन पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए पुलिस अभियान तेज कर दिया गया है। मुंगेर जिले के खड़गपुर अनुमंडल के भीमबांध जंगल समेत जमुई, लखीसराय और बांका के पहाड़ी इलाकों में पुलिस अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक खड़गपुर के पुलिस उपाधीक्षक पी़ क़े चन्द्रा के नेतृत्व में करीब एक हजार जवानों ने भीमबांध के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई गांवों में भी तलाशी अभियान चलाया गया।
चन्द्रा ने बताया कि पुलिस अभियान तेज कर दिया गया है तथा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों की तलाशी में अगर और पुलिसकर्मियों को बलि देनी होगी तो वे इससे भी गुरेज नहीं करेंगे।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सेटेलाइट चार्टर्ड हेलीकॉप्टर से पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस (सीआरपीएफ), विशेष कार्य बल (एसटीएफ), बिहार सैन्य बल (बीएमपी) तथा कोबरा बटालियन को लगाया गया है।
इस बीच, जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र से पुलिस ने सुबह दो संदिग्ध नक्सलियों को गिरफ्तार किया। राज्य के पुलिस महानिदेषक नीलमणि ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान गुरमाहा जंगल से पुलिस ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) के लक्ष्मीपुर-सिमुलतल्ला-जमुई क्षेत्र का स्वयंभू एरिया कमांडर पिण्टु दा तथा बहादुर यादव शामिल है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों ने पुलिस द्वारा पूछताछ में पिछले रविवार को कजरा थाना क्षेत्र के जंगल में पुलिस और नक्सली मुठभेड़ में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी जबकि सात से ज्यादा जवन घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने चार जवानों को बंधक भी बना लिया था, जिसमें से एक लुकस टेटे की नक्सलियों ने शुक्रवार को हत्या कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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