ब्लेयर पर फेंके गए जूते और अंडे (लीड-1)
टोनी ब्लेयर हाल ही में प्रकाशित अपने संस्मरणों की किताब की प्रतियों पर पहली बार सार्वजनिक रूप से हस्ताक्षर कर रहे थे। इस दौरान युद्ध विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक संघर्ष शुरू हो गया।
ब्लेयर अपनी पुस्तक 'ए जर्नी' के प्रचार के सिलसिले में एक बुकशॉप में उपस्थित हुए थे। प्रदर्शनकारी, ब्लेयर की ओर बढ़े और एक सुरक्षा अवरोधक को गिराने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
पुस्तक की प्रतियों पर हस्ताक्षर करने के बाद ब्लेयर बुकशॉप के एक अन्य प्रवेश द्वार से चुपके से निकल लिए।
ओ'कॉóोल स्ट्रीट स्थित एसन्स बुकशॉप के बाहर सुबह 10.45 बजे सुरक्षा घेरे को तोड़ने के आरोप में तीन प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रदर्शनकारी 'किसकी पुलिस? ब्लेयर की पुलिस!' जैसे नारे लगा रहे थे। ब्लेयर जब बुकशॉप के अंदर थे, तो प्रदर्शनकारी पुलिस पर तंज कस रहे थे।
प्रदर्शनकारियों में युद्ध विरोधियों से लेकर कांटीन्यूटी आईआरए-गठबंधन 'रिपब्लिकन सिन फीन' के लोग शामिल थे।
इस संघर्ष के बाद शहर की ट्राम सेवा बंद कर दी गई और आसपास के इलाके की दुकानें भी बंद हो गईं।
इस सप्ताह के प्रारंभ में जारी हुई अपनी किताब में ब्लेयर ने 2003 में इराक युद्ध में शामिल होने के अपने निर्णय को उचित ठहराया है। यह पुस्तक सर्वाधिक बिकने वाली संस्मरण की किताबों में शामिल हो गई है।
इस हस्ताक्षर सत्र के पहले ब्लेयर ने आयरलैंड में एक आयरिश टीवी कार्यक्रम में शुक्रवार को पहले ही युद्ध विरोधी आंदोलन पर नाराजगी जताई थी।
अपने साक्षात्कार में ब्लेयर ने चेताया था कि ईरान इस्लामी कट्टरता को प्रायोजित करने वाला फिलहाल एक सबसे बड़ा देश है। उसे परमाणु बम बलाने से हर हाल में रोका जाना चाहिए, भले ही उसके लिए सैन्य कार्रवाई क्यों न करना पड़े।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications