पीसीएपीए का प्रवक्ता हमारे कब्जे में : पुलिस
पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधारण समिति (पीसीएपीए) ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों का एक दल उसके प्रवक्ता मनोज महतो को पश्चिम मिदनापुर के लालगढ़ इलाके के पास बिरकरा स्थित उसके घर से उसे उठा ले गया। लेकिन शुक्रवार की देर रात तक पुलिस मनोज महतो के अपने कब्जे में होने से इंकार करती रही।
पश्चिम मिदनापुर जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज वर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "संयुक्त बल के सुरक्षा कर्मियों ने लालगढ़, सलबोनी, गोलतोर, बीनापुर और कोतवाली इलाकों में दो दिनों के तलाशी अभियान के दौरान पीसीएपीए के प्रवक्ता मनोज महतो को एक अन्य नक्सली कार्यकर्ता, नबकुमार महतो के साथ गिरफ्तार किया था।"
वर्मा ने कहा, "सुरक्षा बलों की यह एक बड़ी उपलब्धि है। मनोज महतो कम से कम सात मामलों में वांछित था। वह 15 अन्य मामलों में लिप्त हो सकता है।" वर्मा ने कहा कि मनोज के पास से एक आग्नेयास्त्र और छह चक्र गोलियां बरामद हुई हैं।
वर्मा ने कहा कि मनोज महतो को अनधिकृत गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत निरुद्ध नहीं किया गया है। वर्मा ने कहा, "यदि उसे इस तरह के मामलों में लिप्त पाया गया तो बाद में उसे यूएपीए के तहत निरुद्ध कर दिया जाएगा।"
वर्मा ने कहा कि नबकुमार महतो एक नक्सली कार्यकर्ता है और वह लालगढ़ पुलिस थाने में 2006 और 2009 में दर्ज दो मामलों में वांछित था।
वर्मा ने कहा कि दोनों को रविवार सुबह झारग्राम में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया जाएगा।
वर्मा ने कहा कि पीसीएपीए और नक्सलियों में कोई अंतर नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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