बिना पूर्व शर्त के हो कश्मीर वार्ता : करात
नई दिल्ली, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट की और जम्मू एवं कश्मीर की समस्या के हल के लिए राज्य के लोगों से बिना शर्त राजनीतिक वार्ता के लिए साहसिक राजनीतिक पहल करने को कहा।
उन्होंने श्रीनगर में अर्धसैनिक बलों के कई बंकरों को हटाने, नाबालिग कैदियों को रिहा करने का सुझाव देने के साथ ही कश्मीर घाटी में आर्थिक गतिविधियों को फिर शुरू करने को कहा।
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री को सौंपे गए एक पत्र में करात ने कहा, "राज्य के सभी वर्गो से वार्ता के लिए प्रधानमंत्री को साहसिक पहल करनी चाहिए। सभी वर्गो के साथ बिना पूर्व शर्त के वार्ता होनी चाहिए।"
माकपा सूत्रों ने कहा कि करात ने प्रधानमंत्री के साथ अकेले मुलाकात की। माकपा ने एक बयान में कहा कि हाल के श्रीनगर दौरे में सभी वर्गो के लोगों से चर्चा के बाद करात ने मनमोहन सिंह से मुलाकात की।
बयान के अनुसार करात ने प्रधानमंत्री को कश्मीर की गंभीर होती स्थिति और तत्काल उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर चर्चा की।
माकपा का मानना है कि राज्य को विशेष दर्जा देने और कश्मीरी लोगों को उनकी पहचान के बारे में आश्वस्त करने से ही हल पाया जा सकता है।
बयान में कहा गया है कि इसके लिए एक नए राजनीतिक ढांचे की जरूरत है जिसमें अधिकतम स्वायत्तता शामिल हो।
करात ने प्रधानमंत्री से कहा कि श्रीनगर और अन्य शहरी इलाकों को अशांत क्षेत्र कानून के दायरे से बाहर किया जाना चाहिए। इससे सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून को लागू करने का कोई अर्थ नहीं होगा।
करात ने कहा कि जिन इलाकों में आतंकवाद में कमी देखी गई है वहां से सुरक्षा बलों की तैनाती घटाई जानी चाहिए। श्रीनगर में अर्धसैनिक बलों के कई बंकर हटाए जाने चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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