नेपाल में प्रधानमंत्री चुनाव का छठा दौर रविवार को
काठमांडू, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। नेपाल की संसद में नए प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए रविवार को मतदान होगा। दो माह के भीतर छठी बार मतदान होने जा रहा है। साथ ही यह भी संकेत मिल रहे हैं कि विपक्षी माओवादी पार्टी यदि जीतने में असफल रही तो चुनाव फिर हो सकता है। पार्टी खास तौर से सांसदों की खरीद-बिक्री के आरोपों के घने साये में घिरी हुई है।
तराई मैदानी भाग की चार क्षेत्रीय पार्टियों के मतदान से दूर रहने की संभावना है। ये पार्टियां पहले के पांच दौर में भी माओवादियों के मंसूबे पर पानी फेरती रही हैं और एक बार फिर उसे झटका दे सकती हैं।
इन पार्टियों का संयुक्त समर्थन अगर मिल गया तो माओवादी प्रमुख एवं पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' 599 सदस्यीय संसद में आधे से अधिक सदस्यों का समर्थन हासिल कर रविवार को फिर सत्ता में लौट सकते हैं।
तराई मोर्चे में शामिल सद्भावना पार्टी के नेता तथा वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेंद्र महतो ने कहा, "एक ऐसी पार्टी जिसका भरोसा अब भी बंदूकों और लड़ाकुओं पर कायम हो, उसे नई सरकार का नेतृत्व संभालने का मंसूबा नहीं रखना चाहिए।"
उन्होंने जोर देते हुए कहा, "माओवादी जब तक जनतांत्रिक ढर्रे पर नहीं लौटेंगे, मोर्चा तब तक उनका समर्थन नहीं करेगा। सभी चार मधेस पार्टियों ने यही सर्वमान्य सिद्धांत अपनाया है।"
इस बीच एक स्थानीय टेलीविजन चैनल पर प्रसारित एक ऑडियो टेप में माओवादी सिद्धांतकार कृष्ण बहादुर महारा को कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाया गया कि रविवार के चुनाव के लिए तराई के 50 सांसदों को खरीदने की खातिर एक गुमनाम चीनी 'मित्र' से 50 करोड़ नेपाली रुपये प्राप्त हुए हैं।
यह टेप सुनने के बाद ताजा हालात पर विचार-विमर्श के लिए तराई की पार्टियों ने शनिवार को अलग से बैठक की।
माओवादियों ने हालांकि इस टेप को नकली करार देते हुए इसका खंडन किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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