9/11 के हमले पर फिल्म
इस फिल्म में हमलों की व्याख्या करने की बजाए 9/11 के हमले के बाद के सितंबर के लगातार छह महीनों के दौरान न्यूयार्क के 11 निवासियों की जिंदगी पर इसके प्रभाव को दिखाया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक फिल्म की निर्देशक एलिजाबेथ लुकास कहती हैं, "यह फिल्म 11 सितंबर की कहानी नहीं है। यह फिल्म बताती है कि हमलों के बाद क्या हुआ था। ग्यारह सितंबर का दिन अच्छे और बुरे दोनों तरह के व्यक्तिगत बदलावों का एक उत्प्रेरक बन गया था। यह फिल्म घावों के भरने और आगे बढ़ने की कहानी पेश करती है।"
लुकास कहती हैं कि उन्हें लगा था कि फिल्म में संगीत किरदारों के भीतर गहराई में छुपे भावों को बेहतर ढंग से पेश कर सकता है। फिल्म में पॉप व रॉक धुनों का इस्तेमाल किया गया है जो जीवन के प्रति भय, डर और उम्मीद की मानवीय भावनाओं को उकेरती हैं।
न्यूयार्क सिटी में मात्र 19 दिनों की शूटिंग में इस फिल्म का निर्माण किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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