राष्ट्रीय जनजाति कल्याण परिषद का गठन
केंद्रीय जनजाति मामलों के मंत्रालय की ओर से एक प्रेस बयान में कहा गया है कि एनसीटीडब्ल्यू के गठन की पहल जनजाति मामलों के मंत्री कांति लाल भूरिया ने की।
इस प्रस्तावित परिषद में 18 सदस्य हैं।
जनजाति मामलों के मंत्री, कृषि मंत्री, गृह मंत्री, स्वास्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, पर्यावरण एवं वन मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, संस्कृति मंत्री, खनन मंत्री, कोयला मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री इस परिषद के सदस्य हैं।
अन्य सदस्यों में योजना आयोग के उपाध्यक्ष और अनुसूची पांच और अनुसूची छह वाले राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि परिषद देश में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के जीवन में सुधार लाने के बारे में व्यापक नीतिगत दिशानिर्देश उपलब्ध कराएगी।
बयान में कहा गया है, "परिषद वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन, संविधान की अनुसूची पांच और अनुसूची छह के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी, जनजाति उपयोजना और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।"
इस परिषद की बैठकें राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक से जुड़ी होंगी, ताकि उन्हें नियमित रूप से आयोजित किया जाता रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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