इंडोनेशिया में ज्वालामुखी ने उगला धुआं
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ज्वालामुखी के अध्ययन एवं भूगर्भसर्वेक्षण आपदा राहत केन्द्र ने सोमवार को कहा कि ज्वालमुखी में दूसरा विस्फोट सुबह 6.30 बजे हुआ और 2000 मीटर की ऊंचाई तक धुएं के बादल उठने लगे।
रविवार के ज्वालामुखी विस्फोट सरकार द्वारा लोगों को यह आश्वासन देकर घर भेजे जाने के चंद घंटे बाद हुआ कि यह ज्वालामुखी खतरनाक नहीं है। जकार्ता से 1300 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में स्थित इस 2451 मीटर ऊंची चोटी से 400 साल के अंतराल के बाद पहली बार रविवार को विस्फोट हुआ था। जिसकी वजह से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेनी पड़ी थी।
कारो जिले के जनसंपर्क अधिकारी ने जॉनसन तारिगान ने बताया कि रविवार सुबह तक 21,054 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका था। उन्होंने कहा, "हालात बिगड़ने पर यह आंकड़ा बढ़ सकता है।" रविवार को कहा गया था कि ज्वालामुखी फटने से पहले माउंट सिनाबंग ज्वालामुखी में कोई हलचल नहीं हुई। इसलिए 1600 के बाद से इस पर ज्यादा निगरानी नहीं रखी जा रही थी।"
इसके अलावा निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने के साथ-साथ उन्हें ज्वालामुखी की राख से बचने के लिए नकाब लगाने को भी कहा गया था। नदियों के किनारे रहने वालों को लावा की वजह से आने वाली बाढ़ की आशंका के प्रति भी सचेत कर दिया गया है।













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