भोजपुरी, राजस्थानी को अनुसूचित भाषा का दर्जा देगी सरकार
नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने सोमवार को कहा कि सरकार भोजपुरी एवं राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर विचार कर रही है।
लोकसभा में कुछ सांसदों द्वारा मांग उठाए जाने पर चिदम्बरम ने यह बयान दिया।
उन्होंने बताया कि आठवीं अनुसूची में भाषाओं को शामिल करने का संविधान में कोई मानदंड नहीं है।
उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में भोजपुरी एवं राजस्थानी सहित 38 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग है जो विचाराधीन है।"
चिदम्बरम ने कहा कि सरकार ने सितंबर, 2003 में भाषाओं को शामिल करने का मानदंड तय करने के लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने 2004 में रिपोर्ट सौंपी थी।
उन्होंने कहा, "रिपोर्ट अभी विचाराधीन है। सरकार अपने संबंधित विभागों से इस पर सलाह लेगी।"
उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएं शामिल हैं। इनके अलावा 14 अन्य भाषाओं को प्रारंभिक तौर पर संविधान में शामिल किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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