डीजल बेचने के आरोपी सैन्य अधिकारी की जमानत अवधि बढ़ी
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.आर. चंदेल ने कैप्टन विकल्प पुरोहित की गिरफ्तारी पूर्व अंतरिम जमानत अवधि छह सितंबर तक के लिए बढ़ा दी, लेकिन सैन्य अधिकारी से जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने को कहा।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की इकाई जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स (जीआरईएफ) के अधिकारी पुरोहित लाहौल एवं स्पीति जिले के कोकसर में पदस्थापित थे। सीबीआई के गुप्तचरों ने उन्हें नकली ग्राहक बनकर 20 अगस्त को रंगे हाथ पकड़ा था।
डीजल बीआरओ की दीपक परियोजना के लिए मंगाया गया था। इस परियोजना के तहत मनाली एवं सारचू के बीच 222 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। यह सड़क 457 किलोमीटर लंबे मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 की एक हिस्सा है।
सीबीआई ने पिछले सप्ताह पुरोहित को उनके दफ्तर में सम्मन भेजा था। उनसे बीआरओ द्वारा डीजल की आपूर्ति एवं खपत से संबंधित सभी रिकार्ड भी सत्यापन के लिए मांगे गए।
उन्हें 23 अगस्त को अंतरिम जमानत मिल जाने के कारण गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
सीबीआई के पुलिस अधीक्षक आर. उपासक ने कहा कि सैन्य अधिकारी को दो नकली ग्राहकों द्वारा पकड़ा गया। नकली ग्राहकों ने खुद को लोक निर्माण विभाग का ठेकेदार बताया था।
सैन्य अधिकारी ने सौदा तय किया और उनके हाथों 800 लीटर डीजल बेचने को तैयार हो गए। पुरोहित के खिलाफ सीबीआई में मामला दर्ज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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