नैटो के ठिकानों पर तालिबानी हमला

नैटो की सेना 'अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल' (आईसैफ) का कहना है कि हवाई जहाजों से लैस उसके सैनिक दस्ते ने इन हमलों का जवाब दिया है. इस जवाबी कार्रवाई में कम से कम 10 तालिबानी घुसपैठिए मारे गए हैं. कई घुसपैठियों को कब्ज़े में ले लिया गया है. इससे पहले तालिबान के एक प्रवक्ता ने समाचार एजंसियों को बताया था कि इस हमले में लगभग 30 तालिबानी लड़ाके शामिल हैं. इनमें कुछ आत्मघाती भी शामिल हैं.
काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तालिबानी घुसपैठिए इस तरह के हमलों में गुरिल्ला शैली अपना रहे और घात लगातर हमला करते हैं. जिन सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया है उनमें से एक 'चैपमैन कैंप' है. पिछले साल दिसंबर महीने में भी इस कैंप पर हमला किया गया था. इस हमले के दौरान एक आत्मघाती ने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी 'सीआईए' के सात कर्मचारियों को मार दिया था.
स्थानीय पुलिस प्रमुख अब्दुल हाक़िम इस्हाक़ज़ई ने समाचार एजंसी एएफ़पी को बताया कि शनिवार को तड़के सुबह घुसपैठियों ने रॉकेट से हमले किए और सैन्य ठिकानों पर गोलीबारी शुरु कर दी. घुसपैठियों की तरफ़ से कुछ समय के लिए गोलीबारी रुकी और अब वो इन ठिकानों के पास बने एक स्कूल पर कब्ज़ा करने की कोशिश में हैं.
आमिर शाह नामक एक स्थानीय निवासी ने बताया, ''मेरे घर के आसपास हर तरफ़ से गोलियों की आवाज़ आ रही है. मुझे डर है कि हमलावर कहीं मेरे घर में न घुस जाएं. नैटो की जवाबी कार्रवाई में बमबारी का ख़तरा भी हम पर मंडरा रहा है.'' इस हफ़्ते की शुरुआत में आईसैफ ने घोषणा की थी कि उसने खोस्त में तालिबान के एक स्थानीय कमांडर को पकड़ा है. हालांकि इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि ये हमले इस गिरफ़्तारी के जवाब में तो किए गए हैं या नहीं. इस बीच पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तानी सीमा पर अमरीका के एक संदिग्ध मिसाइल हमले में तालिबान के चार चरमपंथियों की मौत हो गई है.












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