विमान खाली कराने की घटना पर खेद है : जेट एयरवेज
ज्ञात हो कि जेट एयरवेज की मुंबई से चेन्नई की एक उड़ान को खाली कराए जाने की घटना में कम से कम 14 यात्री घायल हो गए थे। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय(डीजीसीए) ने विमान के चालक दल के 10 सदस्यों को निलंबित कर दिया है।
विमानन कंपनी ने एक बयान में कहा कि विमान के बाएं इंजन में संदिग्ध आग के कारण टैक्सीवे पर एहतियात के रूप में विमान से 131 यात्रियों और चालक दल के 10 सदस्यों को खाली कराना, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के सुरक्षा हित में था।
विमानन कंपनी ने दावा किया है कि चालक दल ने जेट एयरवेज की उड़ान संख्या 9डब्ल्यू-2302 को संचालन प्रक्रिया के मानक के अनुसार आपात स्थिति में खाली कराया था। यह अलग बात है कि उसके बाद किए गए निरीक्षण में विमान के कथित बाए इंजन में आग नहीं पाया गया।
बयान में कहा गया, "हमारे अतिथियों और चालक दल की बेहतरी हमारे लिए महत्वपूर्ण है और जेट एयरवेज इसके लिए उचित कदम उठा रही है।"
विमानन कंपनी ने कहा कि वह डीजीसीए द्वारा की जा रही घटना की औपचारिक जांच में पूरा सहयोग कर रही है और सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है।
इस बीच इस विमान के यात्रियों को चेन्नई जाने के लिए 9डब्ल्यू-2302 की एक अतिरिक्त उड़ान उपलब्ध कराई गई, जो 117 यात्रियों को लेकर शुक्रवार को मध्य रात्रि के पहले ही प्रस्थान कर गई।
जेट एयरवेज ने कहा कि विमान को खाली कराए जाने के दौरान 12 यात्रियों को चोटें आई थीं और उन्हें स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराई गई या फिर पास के अस्पतालों में ले जाया गया।
डीजीसीए ने हालांकि शनिवार अपराह्न् कहा कि विमान खाली कराए जाने के दौरान 14 यात्रियों को चोटें आई थीं।
जेट एयरवेज के चिकित्सा कर्मी अस्पताल में बाकी बचे चार घायल यात्रियों को राहत उपलब्ध कराने में सहयोग देने के लिए अस्पताल में मौजूद हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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