'कार रेस' की आरोपी युवती को आत्म-समर्पण के बाद जमानत मिली
चण्डीगढ़। पंजाब की राजधानी चण्डीगढ़ में हुई 'कार रेस' दुर्घटना के मामले की आरोपी युवती ने बुधवार की शाम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके 2 घंटे बाद ही उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस दुर्घटना में एक बच्चे और एक युवक की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक बरामद कार अमानत के चाचा (सेना से सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल जीएस ब्रार) के नाम से रजिस्टर्ड है।
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होंडा सिटी कार चलाने वाली 19 वर्षीय अमानत ब्रार का आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी दुर्घटना के लगभग 20 घंटों बाद हुई। गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही उसे 50000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई। पुलिस अमानत को जांच के लिए सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल ले गई। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक गिरफ्तारी में देरी के कारण उसके रक्त में नशीले पदार्थो की मात्रा नहीं के बराबर मिली।
पुलिस के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सोमवार देर रात हुई दुर्घटना के समय अमानत नशे में थी। उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने एवं लापरवाही के कारण मौत के तहत मामले दर्ज किए गए थे। दुर्घटना के समय कार में सवार दूसरी महिला की तलाश की जा रही है। पीड़ित परिजनों ने सेक्टर-3 पुलिस थाने को घेर लिया और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
'कार रेस' के दौरान अमानत ने जिस मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, उस पर 21 साल के सतिंदर सिंह और उनका चचेरा भाई हरप्रीत सिंह सवार थे। हरप्रीत अगले सप्ताह पांच साल का होने वाला था। हरप्रीत के पिता दलबीर सिंह ने कहा, "हम चाहते हैं कि इस लड़की को सख्त सजा मिले। मेरे बच्चे का जन्मदिन 25 अगस्त को मनाया जाना था।" इससे पहले ब्रार के पुत्र बीएस ब्रार ने कहा था कि दुर्घटना के समय कोई महिला उनकी कार नहीं चला रही थी। इस हादसे में मारे गए सतिंदर और हरप्रीत कंसल गांव के रहने वाले थे। घटना के समय दोनों सतिंदर की बीमार मां के लिए दवा लेकर लौट रहे थे।












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