कांग्रेस ने ममता की 'आजाद टिप्पणी' से खुद को अलग किया
नई दिल्ली। रेल मंत्री ममता बनर्जी नक्सली नेता 'चेरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद' की कथित हत्या के बारे में की गई अपनी टिप्पणी पर पूरे वजन के साथ अड़ी हुई हैं। उन्होने ना तो अपने बयान को बदलने की कोशिश की और ना ही उस पर सफाई देने की कोई जरूरत ही समझी। हालांकि कांग्रेस ने बुधवार को ममता बनर्जी की टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए कहा 'ममता ने यह टिप्पणी तृणमूल प्रमुख के रूप में की थी, न कि मंत्री के रूप में'।
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने बताया, "वह केवल भारत सरकार में मंत्री नहीं हैं इसके अलावा वह एक राजनीतिक पार्टी की अध्यक्षा भी हैं। ममता के मुताबिक उन्होंने ये टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख के रूप में की थी।" नक्सलियों द्वारा बनर्जी को वार्ता में मध्यस्थ बनाए जाने के सुझाव पर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में अहमद ने कहा कि यह उन्हें तय करना है कि वह इस भूमिका के लिए तैयार हैं या नहीं। अहमद ने कहा, "यह सरकार, नक्सलियों और जनता के बीच का मामला है कि वे किसे मध्यस्थ मानते हैं।"
अहमद ने कहा कि अभी इसे समझना बाकी है कि क्या संघर्ष विराम के प्रस्ताव का सभी नक्सली समूहों ने समर्थन किया है या नहीं। इस बीच बनर्जी बुधवार को अपने उस बयान पर अड़ी रहीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि आजाद को एक फर्जी मुठभेड़ में मारा गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि नक्सलियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के बातचीत के आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।












Click it and Unblock the Notifications