रामालिंगा राजू को ज़मानत

रामालिंगा राजू को ज़मानत

उमर फ़ारूक़

बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद

सत्यम कंप्यूटर्स में सात हज़ार करोड़ के घोटाले के मुख्य अभियुक्त और कंपनी के संस्थापक बी रामालिंगा राजू को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने आज कुछ शर्तों पर ज़मानत दे दी है.

घोटाले के संबंध में रामालिंगा राजू गत 19 महीनों से जेल में हैं और केंद्रीय जांच ब्यूरो देश के इतिहास के इस सबसे बड़े कार्पोरेट घोटाले की छानबीन कर रहा है. हाईकोर्ट के जज रज़ा इलांगो ने बुधवार को दिए गए अपने आदेश में कहा है कि रामालिंगा राजू को उनके ख़राब स्वास्थ्य के मद्देनज़र २० लाख रुपए की व्यक्तिगत ज़मानत पर रिहा किया जा सकता है.

हैपेटाइटिट-बी से पीड़ित रामालिंगा राजू गत सितंबर महीने से अस्पताल में भर्ती हैं और तब से वे किसी मुक़दमे में भी उपस्थित नहीं हुए हैं. राजू से कहा गया है कि वे रोज़ाना अपने इलाक़े के पुलिस स्टेशन में हाजिरी दें और छानबीन के लिए सीबीआई को हर समय उपलब्ध रहें.

लेकिन सीबीआई ने मुख्य अभियुक्त को ज़मानत पर छोड़े जाने पर निराशा व्यक्त की है और कहा है कि वो इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी. राजू की ज़मानत याचिका काफ़ी समय से हाईकोर्ट के विचाराधीन थी.

राजू के वकीलों का तर्क यह था कि अदालत में मुक़दमा शुरू होने में देरी और उनके ख़राब स्वस्थ के आधार पर राजू को ज़मानत दी जाए. लेकिन अतरिक्त सॉलिसिटर जनरल एचपी रावल ने सीबीआई की और से उपस्थित होते हुए कहा कि रामालिंगा राजू को ज़मानत पर छोड़ना ख़तरनाक होगा क्योंकि वे सबूत मिटा सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राजू 'आर्थिक आतंकवाद' में लिप्त हैं. सीबीआई का यह भी कहना था कि ज़मानत पर रिहा होकर राजू इस मामले की कार्रवाई में और देरी करना चाहते हैं. लेकिन अदालत ने सीबीआई के तर्क को स्वीकार नहीं क्या और राजू को ज़मानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए. इसके साथ ही सत्यम घोटाले के सभी अभियुक्त अब ज़मानत पर रिहा हो गए हैं.

इससे पहले २० जुलाई तो हाईकोर्ट ने रामालिंगा राजू के भाई और कंपनी के पूर्व एमडी राम राजू और पूर्व सीएफ़ओ वी श्रीनिवास को ज़मानत दे दी थी.

हालांकि अदालत में जमानत लेने के लिए तर्क दिया गया था कि रामालिंगा राजू का स्वास्थ्य ठीक नहीं है लेकिन ज़मानत मिलते ही एक दूसरी ख़बर आ गई.

ज़मानत मिलने के बाद निज़ाम इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस ने एक पत्रवार्ता करके कहा है कि उनकी हालत में पहले की तुलना में काफ़ी सुधार हो चुका है.

अस्पताल के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर अजीत कुमार ने पत्रकारों को बताया कि जब रामालिंगा राजू को अस्पताल लाया गया था तब हैपेटाइटिस के वायरस का काउंट एक करोड़ था जो अब घटकर 30 तक पहुँच चुका है.

लेकिन उनका कहना था कि अब तक राजू को 30 इंजेक्शन लग चुके हैं और 16 इंजेक्शन और लगने हैं.

उन्होंने कहा, "इस लिहाज़ से उन्हें 16 हफ़्ते और अस्पताल में रहना है लेकिन वे चाहें तो घर भी जा सकते हैं."

उन्होंने बताया कि हैपेटाइटिस के लिए जो इंजेक्शन राजू को दिए जा रहे थे उनकी क़ीमत 16 हज़ार रुपए हैं और वे ये ख़र्च ख़ुद उठा रहे थे.

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