माओवादियों का केंद्र सरकार से सीजफायर का प्रस्ताव

दोतरफा संघर्षविराम का प्रस्ताव
साथ ही इस प्रस्ताव में तीन महीने तक के लिए दोतरफा सीज़फायर की बात भी कही गई है। माओवादियों के मुखिया कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी ने बीबीसी से बातचीत में कहा ''इसके लिए ज़रूरी है कि भारत सरकार भी माओवादियों के साथ ही दोतरफा संघर्षविराम की घोषणा करे।'' किशनजी ने कहा है कि दोनों पक्षों को हिंसा रोक कर एक साथ ही युद्धविराम की घोषणा भी करनी होगी।
ममता बैनर्जी, स्वामी अग्निवेश के नाम प्रस्तावित
माओवादियों का कहना है कि उन्हें सरकार की तरफ से रेल मंत्री ममता बैनर्जी और मानवाधिकार कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के साथ माध्यस्थ के तौर पर बातचीत के संकेत मिले हैं। मगर फिलहाल ये नाम सिर्फ प्रस्तावित हैं, तय नहीं किए गए हैं।
कुछ दिनों पहले ममता बैनर्जी ने लालगढ़ में एक बड़ी रैली का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश में पुलिस के हाथों मारे गए नक्सली नेता चेरकुरी राजकुमार उर्फ आजाद की मौत को हत्या करार दिया था।
हालांकि पुलिस इसे मुठभेड़ का मामला करार देती है। नक्सली नेता आजाद स्वामी अग्निवेश की मध्यस्था में केंद्र सरकार से शांति वार्ता के लिए तैयार हुए थे मगर बातचीत शुरु होने से पहले ही पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई।
आजाद की मौत की जांच की मांग
इससे पहले माओवादियों ने लेखिका अरुंधति रॉय, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और मानवाधिकार कार्यकर्ता बी डी शर्मा और नर्मदा बांध विरोधी कार्यकर्ता मेधा पाटेकर के नाम प्रस्तावित किए थे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने स्वामी अग्निवेश की मध्यस्थता में नक्सलियों से बातचीत का प्रस्ताव भेजा था।
ऐसा माना जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचा है। नक्सलियों के कई वरिष्ठ नेता या तो मारे गए हैं या पकड़े जा चुके हैं। नक्सलियों ने सरकार से आजाद की मौत की न्यायिक जांच की मांग भी की है।












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