देश में पनडुब्बियों की कमी : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने हालांकि यह भी कहा कि समुद्री सीमा की रक्षा और सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है और इस मामले में भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
राज्य सभा में एन. बालगांगा द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में एंटनी ने कहा कि नई पनडुब्बियों को सेना में शामिल करने का काम चल रहा है लेकिन फिलहाल देश को कितनी पनडुब्बियों की जरूरत है या देश के पास असल में कितनी पनडुब्बियां हैं, इसका खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से करना उचित नहीं होगा।
रक्षा मंत्री ने बताया कि मझगांव डॉक लिमिटेड द्वारा छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कई मौजूदा पनडुब्बियों की मारक क्षमता बढ़ाने और उन्हें अत्याधुनिक बनाने का काम भी तेजी से जारी है।
पनडुब्बियों के अलावा डिस्ट्रॉयर, फ्रीगेट्स, कॉरवेट्स, ऑफशोर पेट्रोल वेसेल्स, फास्ट इन्टसेप्टर क्राफ्ट्स, एयरक्राफ्ट्स और मानवरहित एरियल व्हीकल्स का भी उपयोग समुद्री सीमा की रक्षा के लिए किया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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