अलीगढ़ में किसानों का आंदोलन जारी
अलीगढ़ के टप्पल गांव में धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि जब तक हमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा नहीं मिलेगा, आंदोलन बंद नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री एंव एटा से सांसद कल्याण सिंह भी शाम तक किसानों के धरने में शामिल होने के लिए टप्पल पहुंच रहे हैं।
इससे पहले किसान नेता राम बाबू कथीरिया ने मंगलवार को किसानों के बीच मायावती सरकार के समझ्झौता प्रस्ताव को रखकर आंदोलन समाप्त करने का सुझ्झाव दिया था लेकिन किसान कथीरिया की बात मानने को तैयार नहीं हुए।
किसानों का रुख देखकर कथीरिया भी राज्य सरकार से हुए समझ्झौते से पलट गए। बुधवार को उन्होंने समाचार चैनलों से बातचीत में किसानों की मांग दोहराते हुए कहा कि मुआवजा तो नोएडा के बराबर ही चाहिए, नहीं तो आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री मायावती के विशेष दूत के तौर पर अलीगढ़ भेजे गए वरिष्ठ प्रशासिनक अधिकारी शशांक शेखर सिंह ने सोमवार देर रात किसान प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित 449 रुपये प्रति वर्गमीटर के मुआवजे के स्थान पर 570 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा देने का समझ्झौता किया था। समझौते में यह भी कहा गया था किसी भी किसान से जबरन जमीन नहीं ली जाएगी।
कथीरिया ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रति वर्गमीटर मुआवजे की रकम में 120 रुपये की वृद्धि पर सहमति जताई थी। बाद में किसानों ने कहा कि मुआवजे के संदर्भ में राज्य सरकार का फैसला एकतरफा है।
अलीगढ़ में शनिवार देर रात किसानों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में एक पुलिसकर्मी सहित दो लोगों की मौत हो गई थी और 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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