भारत को सुरक्षा परिषद के चुनाव में 150 वोट मिलने का भरोसा
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वर्ष 2010-11 की अस्थाई सदस्यता के लिए अक्टूबर में होने वाले चुनाव में भारत को न केवल जीत की उम्मीद है वरन आम महासभा में उसे कम से कम 150 वोट मिलने की उम्मीद है।
एक उच्च पदस्थ राजनयिक सूत्र के अनुसार इससे सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत का दावा और मजबूत हो सकता है।
संयुक्त राष्ट्र की आम महासभा अक्टूबर में सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता के लिए देशों का चयन करेगी। यदि सब कुछ ठीक रहा तो भारत एक जनवरी 2011 से दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बन जाएगा।
सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता की दौड़ से इस वर्ष जनवरी में कजाकिस्तान के हटने के बाद से भारत ने दुनिया की सभी राजधानियों में राजनयिक प्रयास तेज कर दिए। अस्थाई सदस्यता के लिए आम महासभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत को हासिल करने के लिए एशियाई और अफ्रीकी देशों का समर्थन जुटाने पर मुख्य रूप से जोर दिया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने की योजना में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि अब एशियाई देशों के समर्थन के साथ भारत ने करीब 130 देशों का समर्थन हासिल कर लिया है जो आवश्यक 128 वोटों से अधिक है।
इसके बावजूद दुनिया भर से मिल रहे समर्थन से उत्साहित भारत ने अब कम से कम 150 सदस्यों का समर्थन जुटाने का लक्ष्य रखा है।
अधिकारी ने कहा, "दो-तिहाई बहुमत हासिल करना समस्या नहीं है। हम कम से कम 150-160 वोट हासिल करना चाहते हैं। इससे सुरक्षा परिषद की स्थाई और अस्थाई सदस्यता में वृद्धि पर होने वाले गंभीर वार्ता में हमारा पक्ष और मजबूत होगा। इन वार्ताओं के अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है।"
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत का महत्वाकांक्षी अभियान विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा की 20 सितम्बर को शुरू होने वाली न्यूयार्क यात्रा से आरंभ होगा।
आम महासभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयार्क जा रहे कृष्णा उससे इतर सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के दावेदार देशों जापान, ब्राजील और जर्मनी के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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