निजी परमाणु विद्युत संयंत्रों को इजाजत नहीं : चव्हाण

इसके साथ ही सरकार ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) की उस सिफारिश को खारिज कर दिया, जिसमें परमाणु विद्युत क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोले जाने की बात कही गई थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने राज्यसभा में कहा कि फिलहाल निजी क्षेत्र, सरकारी उद्यमों द्वारा स्थापित किए जाने वाले परमाणु विद्युत संयंत्रों में मामूली हिस्सेदार हो सकते हैं।

परमाणु विद्युत क्षेत्र में निजी निवेश पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में चव्हाण ने कहा, "फिलहाल परमाणु विद्युत संयंत्रों की स्थापना में निजी भागीदारी के लिए परमाणु ऊर्जा कानून-1962 से संबंधित प्रावधान में बदलाव का सरकार का कोई इरादा नहीं है।"

चव्हाण ने कहा कि परमाणु ऊर्जा कानून-1962, परमाणु संयंत्र की स्थापना में किसी सरकारी कंपनी के मामूली साझेदार के रूप में ही निजी भागीदारी की अनुमति देता है।

चव्हाण ने कहा, "1987 में संशोधित किया गया यह कानून केवल केंद्र सरकार को इस बात का अधिकार देता है कि या तो वह खुद परमाणु ऊर्जा का विकास, इस्तेमाल और निपटान करे या किसी प्राधिकरण के जरिए या फिर उसके द्वारा या किसी सरकारी कंपनी द्वारा स्थापित निगम के जरिए वह इस काम को करे।"

चव्हाण ने कहा, "मामूली साझेदार के रूप में इस गतिविधि में प्रवेश पाकर निजी कंपनियां परमाणु प्रौद्योगिकियों की जटिलता, गुणवत्ता व सुरक्षा संस्कृति तथा दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगी।"

चव्हाण ने पीएमईएसी के उस सुझाव को खारिज कर दिया, जिसमें परमाणु विद्युत उत्पादन के कारोबार में निजी कंपनियों को अनुमति देने के लिए 1962 के कानून में बदलाव करने की बात कही है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+