लेह में मृतकों की संख्या 183 हुई, 200 लापता
श्रीनगर, 12 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र के लेह शहर में बीते दिनों बादल फटने के बाद अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 183 हो गई। मरने वालों में पांच विदेशी भी शामिल हैं जबकि 200 लोग अब भी लापता हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों की सूची में कोई विदेशी शामिल नहीं है लेकिन 163 विदेशी पर्यटकों का नाम 'तलाश सूची' में रखा गया है क्योंकि वे अब तक अपने होटलों या लॉज में नहीं पहुंचे हैं।
कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक फारुक अहमद ने आईएएनएस को बताया, "हमें अब तक 183 शव मिले हैं, इनमें पांच विदेशी शामिल हैं।"
पांच विदेशी पर्यटकों में दो फ्रांसीसी, एक स्पेनिश, एक इतालवी है और एक रोमानिया का निवासी है।
लेह के ऊपरी क्षेत्र में स्थित चोग्लामसर गांव में शुक्रवार की मध्यरात्रि बादल फटने की घटना हुई थी, इसके बाद बाढ़ और भूस्खलन में सरकारी कार्यालय, अर्धसैनिक बलों के शिविर और लोगों के आवासीय स्थल बह गए।
'डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टिट्यूड रिसर्च' (डीआईएचएआर), कई स्थानीय होटल और दुकानें सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का मुख्यालय, एक शासकीय पोलिटैक्निक, एक आईटीबीपी शिविर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक शिविर, कुछ सरकारी कार्यालय और ऑल इंडिया रेडियो लेह का मुख्य ट्रांसमीटर बुरी तरह तबाह हो गए।
समुद्र तल से 3,524 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लेह 45,110 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इससे जुड़े 12 गांव भी हैं। लेह श्रीनगर से 434 किलोमीटर और मनाली से 474 किलोमीटर की दूरी पर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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