हरिद्वार में हुआ 'बम बम भोले' का शंखनाद
मेले के सफल आयोजन पर संतोष जताते हुए जिलाधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि अनुमान के मुताबिक इस वर्ष मेले में कांवड़ियों की संख्या एक करोड़ को पार कर गई। उन्होंने बताया कि करीब सात लाख कांवड़िए हरिद्वार से पैदल रवाना हुए और तीन लाख वाहनों से लौटे हैं।
हरिद्वार में हुआ 'बम बम भोले' का शंखनाद
प्रशासन के दावों पर गौर करें तो वर्ष 2008 में 60 लाख और 2009 में 70 लाख कांवड़ियों ने हरिद्वार में जल भरा था। प्रशासन का कहना है कि कुंभ मेले के कारण भक्तों में हरिद्वार के प्रति आकर्षण बढ़ गया। यही वजह है कि अन्य वर्षो की अपेक्षा इस बार कांवड़ियों की संख्या में भारी इजाफा देखा गया।
गंग नहर के किनारे पैदल कांवड़ियों के लिए बनी कांवड़ पटरी की सफलता पर जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ियों को कम से कम असुविधा हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया था। अगले साल से कांवड़ियों को कोई कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए नहर पटरी पर स्थायी ढांचा बनाने की योजना बनाई जा रही है।
एक करोड़ 15 लाख कांवड़िए पहुंचे
गौरतलब है कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले इस मेले में मुख्य रूप से उत्तर भारत के राज्यों- हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल से बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंचकर पवित्र गंगा नदी में स्नान कर और गंगाजल लेकर अपने घर लौटते हैं। वे सावन शिवरात्रि यानी त्रयोदशी के दिन स्थानीय मंदिरों में शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं।













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