राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाले 'हरि अनंत हरि कथा अनंता' बने : शरद
लोकसभा में 'राष्ट्रमंडल खेल-2010 की तैयारी में विलंब से उत्पन्न स्थिति' पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए यादव ने कहा, "खेलों को लेकर घोटाले संबंधी हो रहे रोजना नए-नए खुलासे 'हरि अनंत हरि कथा अनंता' बन गए हैं और सरकार लीपापोती में जुटी हुई है। न जाने सरकार के कितने विभाग और कितने मंत्रालय इसमें जुटे हैं। चारों तरफ लूट-खसोट और तमाशा मचा हुआ है।"
खेलों की तैयारियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "राष्ट्रमंडल खेल नजदीक हैं। बारात सामने खड़ी है और हम तैयारियों में ही जुटे हैं। हमारे आगे खाई, तो पीछे कुआं हैं। हम करें तो क्या करें। बात बिगड़ती जा रही है। जिधर देखो, उधर अपमान ही अपमान दिखाई दे रहा है।"
राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को 'शेरा' (राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर) की संज्ञा देते हुए यादव ने कहा, "कलमाडी साहब तो अकेले ही लंका ढहाने चले हैं।"
केंद्रीय खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल से उन्होंने आग्रह किया, "जो होना था सो हो गया लेकिन अब भी समय है। चीजें सुधर सकती हैं।"
खेलों में अनियतिताओं की जांच के बारे में उन्होंने मांग की कि ऐसा नहीं हो सकता कि खेल संपन्न हो जाएं और उसके बाद जाचं और कार्रवाई हो। दोनों साथ-साथ चलने चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications