बार्क में सुरक्षा भेदने की बड़ी कोशिश नाकाम (लीड-1)
सुरक्षा कर्मियों ने उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने सातों के लिए नौकरी की व्यवस्था की थी।
तारापुर पुलिस थाने के निरीक्षक एस. जी. मुल्लेमवार ने शनिवार को बताया कि बार्क की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है और बार्क परिसर का कोई भी कर्मचारी इस मामले में शामिल नहीं है।
इस बारे में एक विस्तृत छानबीन की जा रही है कि कहीं बार्क में अतीत में नौकरी पाने के लिए भी इस तरीके का इस्तेमाल तो नहीं किया गया था।
उन्होंने बताया कि इसका खुलासा पिछले मंगलवार को उस समय हुआ, जब कुछ लोगों ने बार्क परिसर के प्रमुख सुरक्षा द्वार पर चतुर्थ श्रेणी के नए कर्मचारी के रूप में प्रवेश की अनुमति मांगी।
सुरक्षाकर्मियों ने उनके कथित नियुक्ति पत्रों सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की जिनमें कई खामियों का पता चला।
मुल्लेमवार ने बताया कि इसके बाद उन सभी को हिरासत में ले लिया गया और मामला पुलिस को सौंप दिया गया। विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने पिछले दो दिनों के दौरान रैकेट के सरगना सतारा जिले के महेंद्र पवार और सात अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।
अन्य सातों आरोपी अमित सावंत, महेश महात्रे, श्याम महात्रे, मनोज गुज्जर, सुदम केनकर, नीलकंठ सावंत और एम. पावसकर मुंबई के हैं। इन लोगों का कहना है कि पवार ने प्रत्येक से 40-40 हजार रुपये लेकर उन्हें नौकरी दिलाने का वादा किया था।
मुल्लेमवार ने कहा कि यह गिरोह बार्क परिसर में नौकरी के जरिए प्रवेश कर पाता, इसके पहले ही उसे दबोच लिया गया। पवार सतारा जिले में भाग गया था, जहां से उसे एक पुलिस दल ने पकड़ लिया।
जांच में पता चला है कि पवार इसके पहले बार्क में ठेके के कर्मचारी के रूप में काम कर चुका था। उसने साइबर कैफे में जरिए इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार किया था।
मुल्लेमवार के अनुसार आरोपियों को सोमवार तक पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
बार्क परिसर मुंबई से करीब 110 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में ठाणे जिले के तारापुर में स्थित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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