अहमदाबाद में बाढ़ से जनजीवन ठप्प, कई राज्यों में खतरा टला (राउंडअप)
वहीं आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी उफान पर होने की वजह से प्रशासन ने रविवार को चेतावनी जारी की है। राहत की बात यह है कि उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और उसकी सहायक रामगंगा सहित अन्य प्रमुख नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है।
मध्य और दक्षिणी गुजरात में भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार तक यहां और बारिश होने के आसार हैं।
जानकार सूत्रों के मुताबिक शनिवार से जारी बारिश के कारण हुए हादसों में अहमदाबाद में पांच लोगों की मौत हो गई लेकिन आधिकारिक रूप से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। देवेश्वर इलाके में एक इमारत ढहने से चार लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घटना में अंडरपास में भरे पानी में डूबने से व्यक्ति की मौत हो गई।
शहर की 300 से ज्यादा रिहायशी परिसरों में पानी भर गया है। केवल बोपाल इलाके में ही 60 कालोनियों में पानी भर गया है। अहमदाबाद हवाईअड्डे के रनवे पर भी रविवार सुबह पानी भर गया था। घरेलू उड़ानों में देर हुई थी लेकिन सुबह इन्हें संचालित कर लिया गया। इसके अलावा दुबई जा रही एक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान रद्द की गई।
करीब 10 रेलगाड़ियां रद्द की गई हैं और अन्य गाड़ियों के परिचालन में दो से छह घंटे तक की देर हुई है।
गुजरात में मौसम विभाग के निदेशक कमलजीत राय ने कहा, "अहमदाबाद जिले में अब तक मौसम की कुल औसत बारिश से 50 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है।"
वहीं गोदावरी नदी में उफान के चलते आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया ने प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा है। गोदावरी नदी का जल स्तर तीन साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना व उसकी अन्य सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश होना था। ये प्रमुख नदियां उत्तराखण्ड से निकलती हैं। लखीमपुर खीरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के नीचे चला गया।
मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आगामी 11 अगस्त से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के बाद राज्यभर में मूसलाधार बारिश हो सकती है। आगामी 48 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारशि और बूंदा बादी हो सकती हैं।
मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर लोग बारिश होने से राहत महसूस कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। कहीं बूंदाबांदी तो कहीं जोरदार बारिश राहत दिला रही है। वहीं बुंदेलखंड में बारिश के कम मेहरबान होने के कारण उमस बेचैन कर देने वाली है। पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल मे 4़ 4 मिलीमीटर व इंदौर में 24़ 6 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। इसी तरह प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी मामूली बारिश दर्ज की गई है। वहीं अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने के कारण गर्मी का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्रदेश के जबलपुर, इंदौर , भोपाल और होशंगाबाद संभाग के कुछ जिलों में आने वाले 24 घंटों में बारिश हो सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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