मोदी-वरुण के लिए बिहार में जद (यु) की 'नो एंट्री'
यहां आयोजित जद (यु) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समापन पर संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा, "बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ सीटों के तालमेल और प्रचार की पुरानी व्यवस्था बनी रहेगी।"
दरअसल, उनसे पूछा गया था कि क्या मोदी और वरुण गांधी बिहार में चुनाव प्रचार करने जाएंगे। यह सवाल जब दोबारा पूछा गया तो उन्होंने अपना जवाब भी दोहरा दिया। "प्रचार की पुरानी व्यवस्था कायम रहेगी।"
उल्लेखनीय है कि भाजपा अभी तक यही कहती रही है कि बिहार में कौन-कौन चुनाव प्रचार करने जाएगा, यह तय करने का अधिकार उसका है।
पटना में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान कुछ पोस्टरों को लेकर भाजपा और जद (यु) में विवाद गहरा गाए थे। मोदी से संबंधित पोस्टरों पर प्रतिक्रिया में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां तक कह दिया था कि बिहार में मोदी का क्या काम है। यहां तक उन्होंने कोसी बाढ़ राहत के लिए गुजरात सरकार की मदद की राशि तक लौटा दी थी। उस दौरान दोनों दलों में विवाद चरम पर पहुंच गया था जिसे दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने सुलझाया।
गौर करने की बात यह है कि बिहार विधानसभा के पिछले चुनाव में नीतीश ने मोदी के बिहार आने को लेकर आपत्ति जताई थी और मोदी चुनाव प्रचार में गए भी नहीं थे। नीतीश को हमेशा यह डर सताता रहा है कि मोदी की कट्टर हिन्दू छवि के कारण उनका मुस्लिम वोटबैंक खिसक सकता है।
वरुण गांधी भी भाजपा के कट्टर चेहरों में शुमार हैं। बिहार में उनके चुनाव प्रचार के बारे में पूछे जाने पर शरद यादव ने कुछ यूं जवाब दिया, "कौन वरुण गांधी।"
यादव ने कहा कि इस बार बिहार विधानसभा के चुनाव विकास और सभी को साथ लेकर चलने के मुद्दे पर लड़ा जाएगा जिसमें जाति-विशेष का स्थान नहीं होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में नीतीश सरकार के शासनकाल में हुए विकास पर जनता अपना मुहर लगाएगी और जद (यु)-भाजपा गठबंधन को फिर से सत्ता में लाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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