राष्ट्रमंडल खेल : 'विवादित' क्वींस बैटन रिले को लेकर महारानी नाराज (राउंडअप)
समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' द्वारा रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक महारानी ने क्वींस बैटन रिले से जुड़े विवाद में एक ब्रिटिश कंपनी के शामिल होने को लेकर बेहद नाराजगी जाहिर की है। इस कंपनी को राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति (सीजीओसी) द्वारा गलत तरीके से धन मुहैया कराने का आरोप है। भारत में इस मामले की जांच चल रही है।
क्वींस बैटन रिले राष्ट्रमंडल खेलों से पहले महारानी का संदेश माना जाता है। महारानी की मौजूदगी में ब्रिटेन से रवाना होने के बाद क्वींस बैटन दुनिया भर की चक्कर लगाने के बाद भारत पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महारानी ने इस पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। मीडिया के मुताबिक रिले के साथ विवाद जुड़ने के कारण इसकी प्रतिष्ठा पर आंच आई है।
पत्र ने भारत में एक राजनयिक सूत्र के हवाले से लिखा है, "महारानी को क्वींस बैटन रिले से जुड़े विवाद की कोई जानकारी नहीं थी। वह इस विवाद को लेकर अनभिज्ञ थीं। इसका सफर उनकी मौजूदगी में लंदन से शुरू हुआ था लेकिन भारत पहुंचने के साथ इसके साथ विवाद जुड़ गया।"
इस बीच, भारत में राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर विदेशी पर्यटकों के लिए एक विशेष थाना बनाने की तैयारी चल रही है। खास बात यह है कि इस पुलिस थाने में तैनात पुलिसकर्मियों अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ होगी।
अधिकारियों ने बताया कि नए थाने में इस महीने के अंत तक कामकाज शुरू हो जाएगा। इस थाने को मध्य दिल्ली में पहाड़गंज के उस इलाके में स्थापित किया जाएगा, जहां विदेशी सैलानी अधिक ठहरते हैं। पहाड़गंज इलाके में 901 से अधिक गेस्टहाउस और होटल मौजूद हैं।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से बताया, "पहाड़गंज इलाके में साल भर बड़े पैमाने पर विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। थाने से जुड़े अधिकारी इन विदेशी सैलानियों के सुरक्षा इंतजाम देखेंगे।"
भगत ने कहा, "पहाड़गंज इलाके के जिस इलाके में अधिकतर होटल और अतिथि गृह मौजूद हैं, वहां से मौजूदा पुलिस थाना थोड़ी दूरी पर स्थित है, लेकिन नया थाना उस इलाके के बीचो-बीच होगा।"
पुलिस उपायुक्त (मध्य दिल्ली) जसपाल सिंह ने कहा, "नए थाने में ऐसे अधिकारियों को तैनात किया जाएगा, जिन्हें अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान हो और विदेशी पर्यटकों से सहजता और सरलता से बातचीत कर सकें। इसे पहाड़गंज ईस्ट पुलिस स्टेशन नाम दिया गया है और यहां 150 के करीब पुलिसकर्मी तैनात होंगे।"
खेलों के आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं और इसे देखते हुए राजधानी के तमाम रेस्तरां सुरक्षित खाद्य स्थल (एसएफडी) कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकरण करा रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खाद्य वस्तुएं लोगों को मुहैया की जानी है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत टीक्यूएस ग्लोबल मैनेजमेंट सिस्टम नाम की एक निजी कंपनी ने 'फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्डस अथॉरिटी ऑफ इंडिया' के सहयोग से की है। 'टीजीआईएफ', 'केएफसी' और 'पिज्जा हट' जैसे बड़े रेस्तरां और अंतर्राष्ट्रीय होटल समूहों ने पहले से ही इस कार्यक्रम के तहत पंजीकरण करा लिया है। जो बाकी हैं, वे अब इसके लिए कतार में हैं।
टीक्यूएस (दक्षिण एशिया) के उपाध्यक्ष एन.एस.बी. पांतुलू ने आईएएनएस से कहा, "इस कार्यक्रम के तहत रेस्तरां को खाने के परीक्षण, स्टाफ के प्रशिक्षण, ऑडिटिंग और परामर्श जैसी प्रक्रिया से गुजरनी होगी। इन रेस्तरां में जाने वाले ग्राहक अगर खाने से बीमार पड़ते हैं तो उनका बीमा कराया जाएगा।"
इस कार्यक्रम की शुरुआत खेलोंे के दौरान राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय मानक का खाना उपलब्ध कराने के मकसद से की गई है। इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने की शुल्क 50,000 रुपये प्रति वर्ष है।
राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 3-14 अक्टूबर के बीच होना है। इसमें 71 देशों के खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा लेंगे। इस दौरान नई दिल्ली में 10,000 से अधिक विदेशी और 100,000 से अधिक स्थानीय पर्यटकों के पहुंचने के आसार जताए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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