लालगढ़ में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त
राज्य के पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सुरजीत कर पुरकायस्थ ने कहा, "लालगढ़ इलाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद करेंगे।"
उन्होंने कहा, "रैली के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे। रैली स्थल सहित सभी रास्तों पर निगरानी रखी जाएगी।"
कायस्थ ने बताया, "नक्सल प्रभावित पश्चिमी मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा जिलों के वन क्षेत्रों में सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।"
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने रैली के दौरान कानून एवं व्यवस्था को कायम रखने के मकसद से पुलिस की मदद करने के लिए अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात करने को लेकर केंद्र सरकार से अनुमति मांगी थी। इसके के लिए इजाजत मिल गई है।"
ममता ने जनजातीय मामलों को लेकर बुद्धजीवियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए घोषणा की है कि लालगढ़ में यह रैली तृणमृल कांग्रेस के बजाय एक अराजनैतिक मंच 'संत्रास विरोधी मंच' के बैनर तले आयोजित होगी।
जनजातीय संगठन पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधरण समिति (पीसीएपीए) ने इस रैली में हिस्सा लेने का फैसला किया है। शांति, न्याय और लोकतंत्र के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता जैसे स्वामी अग्निवेश और मेधा पाटकर भी इसमें भाग लेंगी।
राज्य के गृह सचिव समर घोष ने कहा, "लालगढ़ में सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने दौरा किया है।"
इस टीम में शामिल पश्चिम क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हसन ने आईएएनएस से कहा, "लालगढ़ में सुरक्षा के सभी बंदोबस्त किए गए हैं लेकिन अभी उसका खुलासा नहीं किया जा सकता।"
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल एम. के. नारायणन ने राज्य सरकार से ममता बनर्जी के लालगढ़ दौरे के संबंध में सुरक्षा इंतजामों से संबंधित जानकारी मांगी थी और इस संबंध में उन्हें एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है।
अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि रैली स्थल और रैली रूट की बारूदी सुरंग रोधी वाहन से जांच की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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