टाटा सरीखे मूल्य अपना रहा है व्यापार जगत
नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। ब्रिटेन के कारोबारी इतिहासकार मॉर्गेन विजेल का कहना है कि अपना उत्तराधिकारी तलाश रहे टाटा समूह के समान पूरी दुनिया के व्यापारिक घराने लंबे समय तक कायम रहने के लिए सामुदायिक सेवा के पुराने मूल्य फिर अपना रहे हैं।
विजेल ने आईएएनएस से कहा, "यह समूह 19वीं सदी के शुरू में अपनी स्थापना के समय से हमेशा सेवा में विश्वास करता रहा है। यह एक सबसे बड़ा मूल्य है जिसे टाटा दुनिया में ले आए हैं।"
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्रांति ने व्यापारिक वातावरण को पूंजीवाद के प्रभुत्व में बदल दिया। परंतु अब व्यापारिक घराने व्यापार के लिए संबंधों की ओर देख रहे हैं, ऐसे संबंध जो वित्तीय उपलब्धियों से परे हैं और कुल मिलाकर समाज में योगदान करते हैं।
विजेल ने कहा कि पूरी दुनिया में कंपनियां आमतौर पर मूल्यों की ओर देख रही हैं। व्यापारिक घराने इस तथ्य को स्वीकार करने की ओर बढ़ रहे हैं कि समुदाय को शामिल किए बिना वे व्यापार नहीं चला सकते। विजेल ने कहा कि यह एक आशाजनक संकेत है।
उद्योग जगत की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के बारे में विजेल के विचार भिन्न हैं। उनके अनुसार इस शब्द का बहुधा अत्यधिक उपयोग किया जाता है। उद्योग जगत के हिसाब से यह ऐसी चीज है कि जब उनकी इच्छा हो तो वे कुछ करें। सीएसआर की अवधारणा केवल सहायता के रूप में है।
पुरानी व्यापारिक नैतिकता के केंद्र में कामगार समुदाय की सेवा थी। इसे सीएसआर के बराबर नहीं माना चाहिए।
ब्रिटेन में विनथ्रोप समूह के वरिष्ठ सलाहकार विजेल इन दिनों अपनी किताब 'टाटा : द इवोल्यूशन ऑफ ए कार्पोरेट ब्रांड' के प्रचार के लिए भारत में हैं।
इस किताब में सामुदायिक नतिकता के साथ विदेशी निवेशकों के लिए एक वैश्विक ब्रांड के रूप में टाटा के व्यापारिक घराने में रूप में बढ़ने की पड़ताल की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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