चिदंबरम को फर्जी पत्र भेजने के मामले की जांच शुरू
कोच्चि (केरल), 5 अगस्त (आईएएनएस)। केरल में 15 राज्य पुलिस अधिकारियों की प्रोन्नति से संबंधित फर्जी पत्र मुख्यमंत्री एवं राज्य के गृह मंत्री की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को भेजे जाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस महानिदेशक जैकब पुन्नोस ने गुरुवार को मीडिया से कहा, "हम एक शीर्ष पुलिस अधिकारी को दिल्ली भेज रहे हैं। मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच दल ने छानबीन शुरू कर दी है।"
फर्जी पत्र पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन एवं राज्य के गृह मंत्री कोडियेरी बालाकृष्णन के नाम से भेजा गया था, जिसमें चिदंबरम से कहा गया कि वह राज्य पुलिस के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) कैडर के समकक्ष लाने पर विचार न करें।
जांच दल का नेतृत्व तिरुवनंतपुरम के पुलिस आयुक्त एम.आर. अजीत कुमार कर रहे हैं।
फर्जी पत्रों में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री को अगले वर्ष 31 मार्च तक राज्य पुलिस के 15 अधिकारियों को आईपीएस कैडर का दर्जा देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नौ आईपीएस अधिकारी इस समय केंद्र सरकार की सेवा में हैं जो जल्द ही राज्य की सेवा में लौटने वाले हैं। ऐसे में कोई रिक्त स्थान नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि केरल के पुलिस अधिकारी 55 की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। यदि केंद्र सरकार राज्य सरकार की अनुशंसा पर किसी पुलिस अधिकारी को आईपीएस कैडर में प्रोन्नत करती है तो उसकी सेवा अवधि तीन वर्ष और बढ़ जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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