ओबामा का रोजगारों के लिए भारत, चीन से मुकाबले का संकल्प
वाशिंगटन, 5 अगस्त (आईएएनएस)। ऑउटसोर्सिग के मामले में तीखे तेवर दिखाने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिका के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में संभावित रोजगारों में भारत और चीन को कड़ी प्रतिस्पर्धा देने का संकल्प प्रकट किया है।
बुधवार को अमेरिका के श्रमिक संगठनों के अधिकारियों की एक बैठक में ओबामा ने कहा, "आने वाली पीढ़ियों में अमेरिकी श्रमिकों के लिए निर्माण उद्योग बेहतर जीवन की कुंजी है।"
"लेकिन जैसे-जैसे दुनिया छोटी हुई है, आउटसोर्सिग मुनाफा कमाने का आसान रास्ता बन गया है। बड़ी संख्या में रोजगार कम मजदूरी वाले देशों में चले गए हैं।"
ओबामा ने कहा वॉलस्ट्रीट का गुब्बारा फटने से लाखों अमेरिकियों की जीविका संकट में आ गई है। "लेकिन मैं आप से कहना चाहता हूं कि हम इससे ज्यादा कुछ नहीं खोएंगे। हम ऐसी अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए संघर्ष करेंगे जिसमें सबके लिए रोजगार हो न कि कुछ विशेष लोगों के लिए।"
राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रसाशन ने मंदी से निपटने के लिए आर्थिक योजना का खाका प्रस्तुत किया है। "हम एक नई अमेरिकी स्वच्छ ऊर्जा उद्योग की शुरुआत कर रहे हैं। इस उद्योग में विंड टर्बाइन और सोलर पैनल, भविष्य की कारों के लिए बैटरियां, परमाणु ऊर्जा, स्वच्छ कोयला तकनीक आदि क्षेत्रों में लाखों रोजगार सृजित होंगे।"
ओबामा ने कहा, "इन उद्योगों के लिए दूसरे देश भी तैयारी कर रहे हैं, चीन, भारत, जर्मनी और यूरोप के अन्य हिस्सों में भी इसके लिए काम हो रहा है। लेकिन अमेरिका दूसरे नंबर पर नहीं रहेगा।"
"जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, मैं दिन और रात इस संघर्ष में जुटा रहूंगा कि इन क्षेत्र के रोजगार अमेरिका में ही सृजित हों।"
"मैं अपने प्रतिस्पर्धियों और वाशिंगटन में अर्थव्यवस्था को पहले से मजबूत बनाने के काम में हर स्तर पर हमारा रास्ता रोकने की कोशिश में जुटे लोगों को मैं स्पष्ट संकेत देना चाहता हूं। मेरे पास इसके लिए तीन शब्द हैं, मेड इन अमेरिका, मेड इन अमेरिका।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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