मप्र के जनसंपर्क विभाग को निजी एजेंसी का सहारा
आश्चर्य तो ये है कि भोपाल की मीडिया को सरकार की गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं दिल्ली में बैठी एक एजेंसी उपलब्ध करवा रही है।
मध्य प्रदेश का जनसंपर्क विभाग देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा अत्यधिक संपन्न है। प्रदेश सरकार की योजनाओं से लेकर विकास एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी देने का काम जनसंपर्क विभाग के अधीन है। इस विभाग का भोपाल में भरा-पूरा अमला है और सभी 50 जिलों में इसके कार्यालय भी हैं।
अभी तक भोपाल के संचालनालय में होने वाली राज्य सरकार के मंत्रियों की सूचनाएं मीडिया के लोगों को विभाग की ओर से फोन अथवा एसएमएस के जरिए दी जाती थी, मगर पिछले कुछ अरसे से ये सूचनाएं मोबाइल पर रिकार्डेड मैसेज के जरिए मिल रही हैं। मजे की बात यह है कि यह संदेश दिल्ली के फोन नम्बर से आते हैं।
यह संदेश दिल्ली से आने की वजह की जब तहकीकात की गई तो पता चला कि यह काम एक निजी एजेंसी को सौंपा गया है।
जनसंपर्क आयुक्त राकेश श्रीवास्तव से पूछा गया तो उनका कहना था कि इसकी उन्हें खबर नहीं है। वहीं अपर संचालक आर.एम.पी सिंह ने रिकार्डेड मैसेज की बात स्वीकार करते हुए आईएएनएस को बताया कि प्रेस कांफ्रेंस की सूचना देने का काम एक निजी एजेंसी को दिया गया है। मजे की बात तो यह है कि दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश सरकार के सूचना केंद्र तक को भी इसकी जानकारी नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications