हरिद्वार में गूंजी 'बम भोले' की जयकार

हरिद्वार, 26 जुलाई (आईएएनएस)। सोमवार को सावन महीने की शुरुआत के साथ उत्तराखण्ड की धार्मिक नगरी हरिद्वार में कांवड़ियों का जमघट लगना शुरू हो गया। तीर्थनगरी ऋषिकेश से लेकर नीलकंठ तक 'बम भोले' की गूंज सुनाई देती रही।

राज्य की हरी-भरी वादियों में भी शिवभक्त लाल, पीले और भगवा वस्त्रों में चहलकदमी करते दिखाई दिए। हरिद्वार और ऋषिकेश सहित राज्य के सभी शिवालयों में सावन का प्रथम सोमवार होने के कारण भक्तों का भारी जमावड़ा रहा।

इस बीच प्रशासन ने अपनी तैयारियां चाक चौबंद करते हुए राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग को कांवड़ियों की भीड़ से प्रभावित न होने देने की रणनीति बनाई है।

हरिद्वार के जिलाधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बारे में कहा कि इस वर्ष एक करोड़ से अधिक शिवभक्तों के आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 70 लाख कांवड़िए आए थे। इस वर्ष संख्या बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ के कारण लोगों में हरिद्वार का आकर्षण बढ़ा है।

सुंदरम ने बताया कि इस बार राज्य में राजमार्गो को कांवड़ियों की भीड़ से प्रभावित न होने देने की रणनीति बनाई गई है। कांवड़ियों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के बदले नहर के किनारे बने रास्तों पर चलने की व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा संबंधी सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खासतौर से आतंकवादी गतिविधियों के खतरों के मद्देनजर आतंक निरोधी दस्ते की तैनाती भी की गई है।

उल्लेखनीय है कि कांवड़ मेले को हिंदू धर्मावलंबियों का कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा समागम माना जाता है। यहां से गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने-अपने शहरों एवं गांवों के मंदिरों में शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ मेले के दौरान हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से शिवभक्त आते हैं।

इंडो एशियन न्यूज सर्विस।

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