शाह ने दायर की जमानत याचिका, सुनवाई 2 अगस्त को (लीड-1)
जाने-माने वकील राम जेठमलानी शाह की ओर से अदालत में पेश हुए और यह याचिका दायर की। शाह ने रविवार को सीबीआई के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
सीबीआई ने इससे पहले शाह से जेल में पूछताछ की अदालत से इजाजत मांगी थी।
शाह रविवार को गांधीनगर में सीबीआई कार्यालय जाने से पहले नाटकीय अंदाज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्हें पार्टी कार्यालय में रस्मी विदाई दी गई और उनके माथे पर तिलक लगाया गया।
शाह ने कहा था कि वह गुरुवार और शुक्रवार को सीबीआई के समक्ष इसलिए पेश नहीं हुए क्योंकि वह समझते हैं कि उनके खिलाफ 3000 पृष्ठों का आरोप पत्र पहले ही तैयार किया जा चुका था और उनसे पूछताछ दिखावा भर ही होती।
गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सोहराबुद्दीन को 26 नवंबर 2005 को एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। उसकी पत्नी कौसर बी तभी से लापता है।
शाह पर आरोप है कि उन्होंने सोहाराबुद्दीन की कथित हत्या में शामिल पुलिस अधिकारियों को फोन किए थे। पुलिस का दावा है कि सोहाराबुद्दीन लश्कर-ए तैयबा का सदस्य था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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