कैंसर का फैलना रोक सकती है नई दवा
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक ग्लैक्सोस्मिथक्लिन दवा कंपनी के वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवाएं तीन साल में मिलना शुरू हो जाएंगी जो खतरनाक त्वचा कैंसर (मैलिगनैन्ट मिलेनोमा) से पीड़ित मरीजों के जीवन को अच्छा और लंबा बना सकेंगी।
ब्रिटेन में इस त्वचा कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां हर साल इसके करीब 10,000 नए मामले सामने आते हैं और इससे 2,000 लोगों की मौत हो जाती है। पिछले दो दशकों में त्वचा कैंसर के मरीजों की संख्या दोगुनी रफ्तार से बढ़ रही है। इसकी वजह ब्रिटेन निवासियों का छुट्टियां बिताने के लिए गर्म देशों में जाना है।
यह महिलाओं में उनकी 20 साल की आयु में होने वाला सबसे सामान्य कैंसर है। हर साल लगभग 340 महिलाओं में इसकी पुष्टि होती है और उनमें से 50 की मौत हो जाती है।
वैज्ञानिकों का दावा है कि प्रतिदिन इन दवाओं की दो गोलियां लेने पर कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है।
ये दवाएं उस हानिकारक प्रोटीन को निशाना बनाती हैं जो ट्यूमर के आकार को बढ़ाता है। प्रोटीन को अक्रियाशील करके कैंसर का बढ़ना रोका जाता है और ट्यूमर का आकार भी कम हो जाता है हालांकि इन्हें पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।
शोधकर्ताओं ने त्वचा कैंसर के 80 मरीजों पर यह प्रयोग किया था। उन्होंने देखा कि पहली दवा 'ब्रैफ 436' लेने वाले आधे से ज्यादा मरीजों के ट्यूमर्स के आकार में कम से कम 20 प्रतिशत की कमी देखी गई।
दूसरी दवा 'मेक 183' लेने वाले आधे से ज्यादा मरीजों में भी ट्यूमर का आकार कम हुआ। एक चौथाई मरीजों में ट्यूमर का आकार 50 प्रतिशत तक कम हुआ।
अब वैज्ञानिक मरीजों को दोनों दवाएं एक साथ देकर उनका असर देखेंगे।
कंपनी के 'क्लिनिकल डेवलपमेंट' के उपाध्यक्ष पीटर लीबोविट्ज कहते हैं कि इन दवाओं से मरीजों को कैंसर से पूरी तरह नहीं बचाया जा सकता लेकिन उनका जीवन बेहतर बना उनके लंबे समय तक जीवित रहने के लिए कोशिश की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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