दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश होगा भारत
इस्पात मंत्रालय से संबद्ध संसदीय सलाहकार समिति की शुक्रवार को हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान जहां एजेंडे के अधिकांश महत्वपूर्ण मामलों पर कार्रवाई पूरी कर ली गई है, वहीं दीर्घकालीन लक्ष्यों वाले मुद्दों पर प्रगति अग्रिम चरण में है। दीर्घकालीन लक्ष्यों में भारतीय इस्पात प्राधिकरण और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के आधुनिकीकरण और विस्तार के कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व में इस्पात का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जिसने अमेरिका और रूस जैसे विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
कुछ सदस्यों ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के सामाजिक दायित्व के कार्पोरेट कार्यो की सराहना की। उन्होंने इन प्रतिष्ठानों द्वारा स्वास्थ्य, सुरक्षित पेयजल और शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक दायित्व को निभाने का अनुरोध भी किया।
बैठक में भाग लेने वाल सदस्यों में यशवंत एऩ सिह लागूरी, जयवंत गंगाराम आवले, गोरखनाथ पांडेय, कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद, शिवराम गौड़ा, सोमेंद्र नाथ मित्र, जितेंद्र सिह बुंदेला (लोक सभा) और सबीर अली (राज्यसभा) शामिल हैं।
बैठक में इस्पात राज्य मंत्री ए़ साई प्रताप, इस्पात सचिव अतुल चतुर्वेदी और इस्पात मंत्रालय तथा सेल, एचएससीएल, एमएसटीसी और एफएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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