रेल हादसा : 40 शवों की हुई शिनाख्त (राउंडअप)
बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक हुमायूं कबीर ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "40 पीड़ितों के शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। बाकी 23 शवों को बर्दवान मेडिकल कॉलेज एंड हास्पीटल भेज दिया गया है, क्योंकि वहां शवों को रखने की बेहतर व्यवस्था है।"
राज्य सरकार ने राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को हादसे की जांच करने का आदेश दिया है। दुर्घटना में घायल 100 अधिक लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। गंभीर रूप से घायल 34 लोगों को बर्दवान मेडिकल कॉलेज और छह अन्य लोगों को कोलकाता के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रेलकर्मी रात भर मरम्मत कार्य में जुटे रहे। रेलमार्ग पर रेल सेवाएं फिर से सामान्य हो गई हैं।
मंगलवार की सुबह दुर्घटना स्थल से पीड़ितों के क्षत-विक्षत अंग पाए गए। यात्रियों के सामान और उनके बैग भी रेलवे पटरी के किनारे पड़े पाए गए।
राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने कोलकाता में कहा कि सीआईडी से दुर्घटना की जांच के लिए कह दिया गया है। सीआईडी की एक टीम ने घटनास्थल और सूरी जिले के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया है।
रेलवे ने पहले ही इस हादसे की जांच का आदेश सोमवार को दे दिया था। वैसे दुर्घटना में लापरवाही एक बड़े कारण के रूप में दिखाई दे रही है।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त (पूर्वी जोन) आर.एस.यादव भी अपने स्तर पर एक जांच कर रहे हैं।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विवेक सहाय ने उत्तर बंगा एक्सप्रेस के चालक माधब चंद्र डे और सहायक चालक निर्मल मंडल को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना है। दोनों दुर्घटना में मारे गए हैं। बोर्ड अध्यक्ष के इस आरोप से दोनों चालकों के परिजन सन्न हैं। डे की तीनों बेटियों ने सच्चाई का पता लगाने के लिए दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष की आलोचना की है।
डे की एक बेटी मुनमुन ने कहा, "हम दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच चाहते हैं। मेरे पिता न केवल एक अच्छे चालक थे, बल्कि एक अच्छे मानव भी थे। मेरे पिता रेलगाड़ी चलाते समय इतने लापरवाह नहीं हो सकते। ये सब बकवास के दावे हैं कि मेरे पिता रेलगाड़ी चलाते समय सो रहे थे।"
दूसरी ओर रेल मंत्री ममता बनर्जी को मंत्रालय से लापरवाह रहने संबंधी लोगों के आरोपों का लगातार सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में व्यस्त रहती हैं। मंत्रालय के लिए उनके पास समय नहीं है।
भारतीय जनमा पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने नई दिल्ली में कहा कि रेल मंत्री पश्चिम बंगाल की राजनीति में व्यस्त हैं, दूसरी ओर रेल यात्री, रेलवे की लापरवाही की सजा भुगत रहे हैं।
रूडी ने कहा, "संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के दौरान भारतीय रेल की संचालन अक्षमता में बढ़ोतरी को लेकर भाजपा चकित है।"
रूडी ने कहा, "भयावह रेल दुर्घटनाएं भारतीय रेलवे का एक नियमित चरित्र बन गया है। तमाम यात्री मारे जा रहे हैं। मई 2009 से लेकर अब तक की कई बड़ी दुर्घटनाओं में 428 यात्री मारे जा चुके हैं।"
गौरतलब है कि बीरभूम जिले के सैंथिया रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात उत्तरबंगा एक्सप्रेस ने भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी थी।
इससे पहले इसी वर्ष 28 मई को पश्चिमी मिदनापुर के झारग्राम में नक्सलियों द्वारा पटरी पर तोड़फोड़ करने की वजह से ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इसके बाद एक मालगाड़ी ने इन डिब्बों को टक्कर मार दी जिससे 148 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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