बिहार : विधानसभा अध्यक्ष पर फेंकी गई चप्पल, 67 निलंबित (राउंडअप)

बिहार विधानसभा के पांच दिनों तक चलने वाले इस मानसून सत्र के तीसरे दिन भी कार्यवाही प्रारंभ होते ही विपक्षी दलों द्वारा हंगामा प्रारंभ कर दिया गया। सदन प्रारंभ होते ही उपसभापति शकील अहमद कुछ बोलने उठे थे कि सता पक्ष के लोगों द्वारा उन्हें रोके जाने से विपक्ष नाराज हो गया।

इसके बाद सता पक्ष के एक सदस्य ने हंगामा कर रहे विधायकों को सदन से निकालने का प्रस्ताव अध्यक्ष के समक्ष रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद एक दर्जन विधायकों को मार्शलों की सहायता से सदन करना पड़ा। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने खूब हंगामा मचाया। हंगामे के बीच विपक्षी सदस्यों में से एक ने अध्यक्ष पर चप्पल भी फेंक दिया। हालांकि अभी तक उस विधायक की पहचान नहीं हो पाई है। विपक्ष किसी ऐसी बात से इंकार किया है।

बाद में हंगामा कर रहे विधायकों के निलंबन संबंधी प्रस्ताव पर सहमति बनी। विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार 67 विधायकों को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसमें राजद के 42, लोजपा के 11 तथा कांग्रेस के दो विधायक शामिल हैं।

इसके बाद भी जब हंगामा नहीं थमा तो सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद बिना विपक्ष के सदन की कार्यवाही चली।

इधर, विधान परिषद में भी विपक्षी सदस्यों ने आज हंगामा किया। विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य डा. ज्योति कुमारी को जब महिला मार्शलों ने सदन में जाने से रोका तो मार्शल के साथ ही वह हाथपाई करने लगी। इसके बाद उन्होंने वहां रखे फूलों के गमलों को एक-एक कर तोड़ना आरंभ कर दिया और जमकर हंगामा मचाया। इसके बाद मार्शलों ने इन्हें तब कब्जे में लिया, जब वह बेहोश हो गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भेज दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि विपक्ष हंगामा करने पर आतुर है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। विपक्ष जंगाल राज लाना चाहता है परंतु इस सरकार में यह संभव नहीं हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि गुरुवार को राजद और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का एक शिष्टमंडल राज्यपाल से मिलकर विधानसभा में हुए हंगामे की जानकारी देगा तथा सरकार को बर्खास्त करने की मांग करेगा।

विधानसभा के बाहर भी सुबह से ही राजद और लोजपा समेत अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा किया गया तथा मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया। इस दौरान इन कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की झड़प भी हुई।

विधानसभा के अंदर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गौरतलब है मंगलवार को भी विपक्ष और सता पक्ष के विधायक कथित 'ट्रेजरी घोटाले' के मुद्दे पर विधानसभा में आमने-सामने आ गये थे तथा दोनों ओर से कुर्सीयां चली थी। इस घटना में कई विधायक घायल हो गए थे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने बुधवार को 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दी थी।

घटना के विरोध में तथा मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विधायक सदन के अंदर धरने पर बैठ गए थे और मंगलवार को रात भर विधानसभा भवन में ही रहे।

बिहार में विकास कायरें में कथित वितीय अनियमितता को लेकर पटना उच्च न्यायालय द्वारा इसकी जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपे जाने के बाद विपक्ष मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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