सड़क मार्ग के चलते राहत दलों को पहुंचने में देरी हुई : चिदंबरम
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की यहां आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा कि उन्हें बताया गया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के तीन दलों में से पहला दस्ता दुर्घटना के ढाई घंटे बाद अपने अड्डे से रवाना हो पाया।
चिदंबरम ने कहा कि दो दलों का दूसरा दस्ता सात घंटे देर से प्रस्थान कर सका था। इन राहत दलों को 220 किलोमीटर लंबी दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ी थी।
चिदंबरम ने कहा, "इसलिए हमें अपनी क्षमता बढ़ानी होगी, ताकि राहत दलों को तत्काल रवाना किया जा सके। इसके लिए शायद हमें हेलीकाप्टर और छोटे विमानों की जरूरत होगी। इन सभी में धन खर्च होंगे।"
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सैंथिया रेलवे स्टेशन पर सोमवार तड़के उत्तर बंगा एक्सप्रेस द्वारा वनांचल एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारने के कारण 63 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए।
चिदंबरम ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान बाढ़, तूफान और आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन दुर्घटना जैसे कुछ अन्य मामलों में हमारी प्रतिक्रिया बेहतर होनी चाहिए।
इस बीच गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि चिदंबरम ने राहत अभियान में देरी के लिए रेल मंत्रालय की आलोचना नहीं की, बल्कि उन्होंने सिर्फ यह कहा कि एनडीआरएफ के दलों को पहुंचने में इसलिए देरी हुई, क्योंकि उन्हें सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ी थी।
प्रवक्ता ने कहा कि इस बयान को राजनीतिक रंग देने का कोई आधार नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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