शिवराज ने दी सफाई, पर नहीं थमा हंगामा (लीड-1)
लगातार दूसरे दिन हंगामे के बाद बुधवार को शुरू हुई कार्रवाई के दौरान शिवराज सिंह चौहान के वक्तव्य पर चर्चा कराए जाने के विधानसभा अध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी के आश्वासन के बाद ही विपक्ष शांत हुआ। मुख्यमंत्री चौहान ने अपनी सफाई में कहा कि वह किसी से नहीं डरते, अगर कोई डरता है तो वह कांग्रेस है जो उनके द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से डरी है।
उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ उनके द्वारा चलाई जा रही मुहिम जारी रहेगी। उन्होंने शिवपुरी में दिए गए अपने बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने वहां कहा था कि भू-माफिया कार्रवाई से विचलित हैं इसलिए वह निचले स्तर पर कोशिशें कर रहें हैं। उन्होंने मीडिया में आए बयानों का खंडन किया।
चौहान के बयान के दौरान कांगेस की ओर से लगातार टोकाटाकी हुई और हंगामा किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बयान पर सफाई देने की बजाए अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं।
मालूम हो कि मुख्यमत्री चौहान ने तीन दिन पहले शिवपुरी जिले में कहा था कि वह भू व अन्य माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। यही कारण है कि माफिया पैसा इकट्ठा कर उन्हें हटाना चाहते हैं। इस बयान पर कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की थी।
विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि चौहान ऐसी कौन सी दुविधा में फंस गए हैं, या दबाव में हैं कि इस गंभीर विषय पर उन्होंने सार्वजनिक टिप्पणी कर दी।
उपनेता चौधरी राकेश सिंह ने चौहान के बयान को प्रदेश के लिए संवैधानिक संकट करार दे डाला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने बयान पर सफाई देने में तीन दिन क्यों लग गए। मुख्यमंत्री को उन नामों का खुलासा करना चाहिए जो उन्हें हटाना चाहते हैं।
कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर सफाई मांगी। वहीं भाजपा की ओर से पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई व स्कूली शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि मुख्यमंत्री न तो किसी से डरे हैं और न ही उन्हें किसी से खतरा है। जो बयान प्रचारित किया जा रहा है, वह काल्पनिक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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