पश्चिम से प्रभावित शहरी अमीर तबका मेरा आलोचक : जोशी
नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। मीडिया में मंत्रालय के कामकाज को लेकर आलोचना का सामना कर रहे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सी.पी.जोशी ने कहा है कि पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित शहरी अमीर वर्ग का एक छोटा तबका और अंग्रेजी मीडिया बिना किसी आधार के उनकी आलोचना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी की इच्छानुसार ग्रामीण विकास योजनाओं द्वारा गरीबों के बीच पैदा जागरुकता और आशा से वह संतुष्ट हैं।
अपने आवास पर आईएएनएस को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में जोशी ने कहा, "मैं ग्रामीण पृष्ठभूमि का एक सामान्य अध्यापक का बेटा हूं। मैं पहली बार सांसद के तौर पर दिल्ली में हूं। मैं नहीं जानता कि शहर के कुलीन तबके या मीडिया का एक हिस्सा मेरी आलोचना से क्या हासिल करना चाहता है।"
राजस्थान के पूर्व मंत्री और राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष 60 वर्षीय जोशी ने कहा, "संवैधानिक रूप से मैं देश की जनता के प्रति जवाबदेह हूं। राजनीतिक तौर पर मेरी जवाबदेही सोनिया गांधी के प्रति है। "
उनके अनुसार अंग्रेजी मीडिया द्वारा की जा रही अधिकांश आलोचना एकतरफा और तथ्यों की जांच के बगैर है।
मीडिया में उनके प्रदर्शन को शून्य अंक देने के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा, "मुझे देश के गरीब और ग्रामीण लोगों के अंक का इंतजार है।"
जोशी ने कहा कि सोनिया गांधी द्वारा दी गई भारी जिम्मेदारी के बारे में वह सचेत हैं। उन्होंने कहा, "क्या आप सोचते हैं कि मैं इस बारे में सचेत नहीं हूं कि नेता और जनता मेरे प्रदर्शन की निगरानी कर रहे हैं।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह अब भी राजस्थान की राजनीति से आकर्षित हैं और मंत्रालय की उपेक्षा कर रहे हैं, जोशी ने कहा, "आप रिकार्डो की जांच कर सकते हैं। मैं या तो दिल्ली में होता हूं या सोमवार से शुक्रवार तक विभिन्न राज्यों के दौरे पर रहता हूं। मंत्रियों सहित दिल्ली के नेता आमतौर शुक्रवार से अपने गृह राज्य में होते हैं। मैं यहीं बना रहता हूं।"
जोशी ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) किया जाना उनके कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि है। सभी लोग सहमत हैं कि योजना के नए नाम ने ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रपिता के नाम से नई पहचान और लगाव पैदा हुआ है।
मंत्री ने कहा कि मनरेगा में छोटे किसानों और समाज के अन्य कमजोर तबकों को भी शामिल करने का विकल्प बनाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की जरूरत के मुताबिक योजना की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक समीक्षा के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए कदम उठाए गए हैं। योजना के लिए सभी भुगतानों को बैंकों या पोस्ट ऑफिस के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित किया गया। योजना का प्रशासनिक व्यय छह प्रतिशत निर्धारित कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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