भाजपा का कुरैशी पर हमला, कृष्णा से भी निराश (लीड-2)
नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी द्वारा भारतीय विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा पर की गई टिप्पणी की शुक्रवार को आलोचना की और उस टिप्पणी को निरा गैरजिम्मेदार बताया। पार्टी ने हालांकि कृष्णा के संवाददाता सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के बारे में कड़े शब्द का इस्तेमाल न करने के लिए भी निराशा जाहिर की।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हम भारत और भारत के विदेश मंत्री के खिलाफ शाह महमूद कुरैशी की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि उनके दिमाग में बुनियादी कूटनीति का अभाव है।"
कुरैशी की उस टिप्पणी पर कि कृष्णा इस्लामाबाद में बातचीत के दौरान नई दिल्ली से बार-बार आने वाले फोन पर बात कर रहे थे, प्रसाद ने कहा कि यह पूरी तरह उचित है कि किसी कूटनीतिक मिशन के दौरान कृष्णा प्रधानमंत्री और अन्य सरकारी अधिकारियों से फोन पर बात करें, लेकिन कुरैशी के पास इसे लेकर इस तरह का गैरजिम्मेदाराना बयान देने का कोई अधिकार नहीं है।
प्रसाद ने कहा, "कुरैशी आखिर क्या चाहते हैं? क्या भारत का विदेश मंत्री कुरैशी की तरह सेना से बातचीत करें? आप किससे निर्देश लेते हैं?"
राजधानी में कृष्णा के संवाददाता सम्मेलन के बाद प्रसाद ने कहा, "मैं समझता हूं कि मर्यादा और शिष्टाचार जरूरी है, लेकिन देश का गौरव उससे बड़ा है। कुरैशी द्वारा भारत और उसके गृह सचिव का जिस तरीके से अपमान किया गया, इसके बाद पाकिस्तान पर कठोर टिप्पणी की जानी चाहिए थी। यह देश का अपमान है और हमे कृष्णा की प्रेस वार्ता से निराशा हुई है।"
प्रसाद ने यह भी कहा कि नई दिल्ली को इस्लामाबाद के कड़ाई के साथ पेश आना चाहिए और पाकिस्तान से साफ कह देना चाहिए कि जब तक भारत विरोधी आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता, तब तक पाकिस्तान के साथ वार्ता संभव नहीं है।
प्रसाद ने विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत के गृह सचिव पर हमला किया। मुझे इसका अफसोस है कि भारत के विदेश मंत्री ने गृह सचिव का बचाव नहीं किया।"
प्रसाद ने कहा, "कुरैशी, पिल्लै के बयान को मुद्दा बना रहे हैं। हाफिज सईद पर कार्रवाई करने की बजाय वे पिल्लै के साथ उसकी तुलना कर रहे हैं।"
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने समाचार चैनल 'सीएनएन-आईबीएन' से कहा, "न केवल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) या संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग), बल्कि पूरा राष्ट्र शाह महमूद कुरैशी (पाकिस्तानी विदेश मंत्री) के व्यवहार की निंदा करता है।"
उन्होंने कहा, "कोई व्यक्ति या देश दूसरे देश के दृष्टिकोणों से सहमत या असहमत हो सकता है, लेकिन उसे व्यक्त करने के कूटनीतिक मानदंड होते हैं।"
भाजपा नेता और पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी कुरैशी पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि कुरैशी विदेश मंत्री के लायक नहीं हैं।
मुंबई हमलों के संदिग्ध मास्टरमाइंड सईद के खिलाफ कार्रवाई पर पाकिस्तान की हिचकिचाहट पर सिन्हा ने कहा, "मैं शर्त लगा सकता हूं कि पाकिस्तान हाफिज सईद को कभी नहीं पकड़ेगा, क्योंकि वह आईएसआई का हिस्सा है।"
सिन्हा ने कुरैशी की मीडिया के सामने शुक्रवार को इस्लामाबाद में दी गई टिप्पणियों को लेकर कड़ी आलोचना की। पाकिस्तानी विदेश मंत्री द्वारा भारतीय विदेश मंत्री पर निजी टिप्पणियों को लेकर नाराज सिन्हा ने कहा, "कुरैशी विदेश मंत्री पद के लायक नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "यह कूटनीतिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। मुझे पूरा विश्वास है कि उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की जानकारी के बिना ऐसा नहीं किया होगा।"
उन्होंने कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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