आस्ट्रेलिया में निशाने पर भारतीय छात्रों की कारें

जिन भारतीय छात्रों की कारों को निशाना बनाया गया है कि वे ग्रीनाक्रेस इलाके में रहते हैं। उनका कहना है कि मंगलवार सुबह उनकी कारों पर बमों से हमले किए गए। इस तरह की बढ़ती घटनाओं से भारतीय छात्रों में भय का माहौल है।
समाचार पत्र 'एडिलेड नाउ' के अनुसार यासिफ मुल्तानी (28) नाम के एक छात्र ने बताया कि इस घटना में 15 स्थानीय किशोर शामिल थे। मुल्तानी की दो कारों का निशाना बनाया गया था।
मुल्तानी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में इस तरह के कई हमले हो चुके हैं जिनमें 12 से अधिक कारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके साथ ही लेटर बॉक्स से भारतीय छात्रों के पत्र चुराए गए और उनके कूड़ेदान भी सड़क पर फेंक दिए गए। यही नहीं दीवारों पर नस्लीय बातें भी लिखी गईं।
मुल्तानी और उसके साथियों ने एक किशोर को पेट्रोल बम फेंकते देखा। उसने बताया, "हमला करने वाले जानते हैं कि हम घर पर कब होते हैं और कब नहीं होते। वे हम पर नजर रखते हैं। वे हमारे बारे में सबकुछ जानते हैं। हम लोग डरे हुए हैं।"
पुलिस अधिकारी बैरी लेविस ने कहा, "यह चिंता का विषय है। उस इलाके में कुछ युवक हैं जो ये समस्याएं खड़ी कर रही हैं। तीन लोगों को पहले ही हिरासत में लिया गया है।"
इस अधिकारी ने यह मानने से इंकार कर दिया कि कारों पर हमले की घटनाएं 'नस्लवाद' से प्रेरित हैं। दूसरी ओर से भारतीय छात्रों का कहना है कि ये हमले नस्लीय हैं।












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