लिंगाराम को माओवादी घोषित करने में जुटी पुलिस

Naxalite
नई दिल्ली। लिंगाराम कोडोपी को नक्सली मास्टर माइंड घोषित कर चुकी छत्तीसगढ़ की पुलिस मंगलवार को भी इस बात की छानबीन में जुटी रही कि क्या लिंगाराम कोडोपी आठ जुलाई को कांग्रेसी नेता अवधेश सिंह गौतम की हत्या में शामिल था या नहीं।

वहीं लिंगाराम कोडोपी ने दिल्ली के प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेस करके खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि कांग्रेसी नेता की हत्या से उनका कोई लेना देना नहीं है। लिंगाराम नोएडा के इंटरनेशनल मीडिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका कहना है कि मई के बाद से वो एनसीआर छोड़ कर कहीं बाहर नहीं गये हैं।

पढ़ें: हेमचंद्र पाण्डे की मौत पर सवाल बरक़रार

कोडोपी के साथ उनके वकील और जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण और स्वामी अग्निवेश थे। कोडोपी के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि पुलिस के पास उसके दावे के पक्ष में कोई सबूत नहीं है। छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा है कि इस हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि कोडोपी ने हमले की साजिश रची थी।

पुलिस कोडोपी को गिरफ्तार करने से पहले अभी भी स्वतंत्र सबूत की तलाश में जुटी हुई है। छत्तीसगढ़ के पुलिस प्रमुख विश्व रंजन ने कहा कि संदिग्धों की गिरफ्तारी के आधार पर कोडोपी का नाम साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है।

लिंगाराम के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि पुलिस के पास कोडोपी के खिलाफ सबूत होता तो वह उसकी गिरफ्तारी के लिए इतना इंतजार नहीं करती। लिंगाराम का कहना है कि पुलिस उन्हें जबरन माओवादी करार करना चाहती है जबकि उनका इस तरह की किन्ही भी गतिविधियों से कोई लेना देना नहीं है।

गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश में एक फर्जी पुलिस मुठभेड़ में नक्सली नेता चेरकुरी राजकुमार के साथ स्वतंत्र पत्रकार हेम चंद्र पांडेय को भी मार डाला गया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+