कांग्रेस, जद (एस) विधायकों का धरना जारी
उनके नेताओं ने कहा कि राज्य में अवैध खनन की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की उनकी मांग पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहमत होने तक धरना जारी रहेगा।
विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से मंगलवार को कहा, "राज्य में अनियंत्रित लौह अयस्क खनन की सीबीआई जांच की हमारी मांग पर भाजपा के सहमत नहीं होने तक विधानसभा के समक्ष हमारा चौबीसों घंटे का धरना जारी रहेगा।"
जद (एस) के नेता एच.डी. रेवन्ना ने उनसे सहमति जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी के विधायक मांग पूरी होने से पहले धरने से नहीं उठेंगे।
सिद्धरमैया ने यह भी कहा कि राज्य के मंत्रियों और खनन उद्योगपति रेड्डी बंधुओं के खिलाफ कांग्रेस बेंगलुरू से बेल्लारी तक 300 किलोमीटर की पदयात्रा करने की योजना बना रही है।
कांग्रेस की पदयात्रा का उद्देश्य बेल्लारी में अपनी पकड़ को फिर मजबूत करना है। बेल्लारी वर्ष 2004 तक कांग्रेस का मजबूत गढ़ था लेकिन अब इस जिले पर रेड्डी बंधुओं का पूरा नियंत्रण है।
पर्यटन मंत्री जी.जनार्दन रेड्डी, उनके बड़े भाई और राजस्व मंत्री जी.करुणाकर रेड्डी तथा छोटे भाई विधानसभा सदस्य जी.सोमशेखर रेड्डी पर बेल्लारी और उससे लगे आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर लौह अयस्क का अवैध खनन कराने का आरोप है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने अवैध खनन की सीबीआई जांच की मांग को ठुकराते हुए मामले की जांच राज्य के लोकायुक्त एन.संतोष हेगड़े से कराने पर जोर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश हेगड़े ने भ्रष्टाचार और अवैध खनन पर कार्रवाई पर सरकार कि साथ मतभेदों के बाद इस्तीफा दे दिया था और केवल लालकृष्ण आडवाणी के हस्तक्षेप के बाद उसे वापस लिया।
वर्ष 2003 से अब तक तीन करोड़ टन से अधिक लौह अयस्क का अवैध खनन और निर्यात हो चुका है। कांग्रेस और जद (एस) का दावा है कि इससे करीब 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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